मुंबई, 11 अक्टूबर 2025 – प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस पावर लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अशोक कुमार पाल को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी रिलायंस ग्रुप से जुड़ी कंपनियों में हुए ₹68.2 करोड़ के कथित फर्जी बैंक गारंटी और इनवॉइसिंग मामले में हुई है।
क्या हैं आरोप?
ईडी के अनुसार, अशोक कुमार पाल ने रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कॉमर्शियल फाइनेंस के जरिए ₹12,524 करोड़ के लोन अप्रूव किए थे, जिनमें से अधिकांश लोन अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले ADA ग्रुप की कंपनियों को दिए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि पाल ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों को मंजूरी दी और फंड्स को अनुचित तरीके से ट्रांसफर करवाया।
अनिल अंबानी से भी हुई थी पूछताछ
इस मामले में ईडी ने अगस्त 2025 में अनिल अंबानी से भी पूछताछ की थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने मुंबई में 35 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें लगभग 50 कंपनियां और 25 व्यक्ति जांच के घेरे में आए थे।
घोटाले का दायरा
ईडी की प्रारंभिक जांच के अनुसार, लोन के लिए जिन दस्तावेजों का उपयोग किया गया, वे या तो फर्जी थे या फिर उन्हें गलत तरीके से पेश किया गया। इस घोटाले में शामिल धनराशि का उपयोग निजी कंपनियों की बैलेंस शीट सुधारने, पुराने कर्ज चुकाने और निजी लाभ के लिए किया गया।
आगे की कार्रवाई
ईडी ने अशोक कुमार पाल को विशेष अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब एजेंसी उनकी कस्टडी लेकर मनी लॉन्ड्रिंग और फंड डायवर्जन से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच करेगी।
