कर्बला तालाब में अवैध निर्माण पर उठी आवाज़: ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. राकेश गुप्ता ने वन मंत्री को लिखा पत्र, नगर निगम पर संरक्षण का लगाया आरोप

रायपुर। राजधानी रायपुर के प्रसिद्ध ईएनटी विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. राकेश गुप्ता ने वन मंत्री को पत्र लिखकर कर्बला तालाब क्षेत्र में जारी अवैध और प्रतिबंधित निर्माण कार्यों पर गंभीर चिंता जताई है।

अपने पत्र में डॉ. गुप्ता ने उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ वेटलैंड अथॉरिटी ने 30 सितंबर 2025 को रायपुर कलेक्टर को यह निर्देश जारी किए थे कि कर्बला तालाब में किसी भी नए निर्माण या नियम विरुद्ध गतिविधि पाए जाने पर तुरंत रोक लगाई जाए। इसके साथ ही, नगर निगम रायपुर के आयुक्त को भी स्पष्ट निर्देश देने के लिए कहा गया था।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि आदेश की प्रति नगर निगम रायपुर को भी भेजी गई थी, इसके बावजूद तालाब के हाईएस्ट मीन फ्लड लेवल (HMFL) से 50 मीटर की प्रतिबंधित सीमा के भीतर सीमेंट की दीवारें, रिटेनिंग वॉल और कंक्रीट कॉलम जैसे स्थायी निर्माण कार्य अब भी जारी हैं।

🔹 निगम अधिकारियों पर संरक्षण का आरोप

डॉ. गुप्ता ने आरोप लगाया कि ये सभी निर्माण कार्य नगर निगम रायपुर के कुछ अधिकारियों के संरक्षण में किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इस पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो यह कर्बला तालाब की पारिस्थितिकी और जल संरक्षण क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा बन जाएगा।

🔹 पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी

विशेषज्ञों के अनुसार, वेटलैंड अथॉरिटी के निर्देशों के तहत तालाबों और जल निकायों के आसपास 50 मीटर तक किसी भी स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं होती। इसके बावजूद, कर्बला तालाब में हो रहे निर्माण पर्यावरण कानूनों और राज्य सरकार के आदेशों की स्पष्ट अवहेलना हैं।

🔹 कार्रवाई की मांग

डॉ. गुप्ता ने अपने पत्र में वन मंत्री से अनुरोध किया है कि वे इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर अवैध निर्माण पर रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दें।

उन्होंने कहा कि कर्बला तालाब रायपुर शहर के प्रमुख जल स्रोतों में से एक है, और इस तरह की गतिविधियां तालाब के अस्तित्व को खतरे में डाल रही हैं।