पणजी। गोवा के वरिष्ठ राजनेता, कृषि मंत्री और दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके रवि नाइक का बुधवार को कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। 79 वर्षीय नाइक को घर पर अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
रवि नाइक के निधन की खबर से गोवा की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके पार्थिव शरीर को पोंडा स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। राज्य सरकार ने उनके योगदान को याद करते हुए शोक संदेश जारी किया है।
रवि नाइक ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत पोंडा नगर परिषद के पार्षद के रूप में की थी। वर्ष 1984 में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (MGP) के टिकट पर वे पहली बार पोंडा से विधायक बने। इसके बाद वे गोवा की राजनीति में लगातार सक्रिय रहे।
वे पहली बार 1991 में मुख्यमंत्री बने और करीब 28 महीने तक इस पद पर रहे। दूसरी बार उन्होंने 2 अप्रैल 1994 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, हालांकि उनका कार्यकाल सिर्फ 6 दिन का रहा।
नाइक 1998 में उत्तरी गोवा से कांग्रेस सांसद भी चुने गए। उन्होंने वर्ष 2000 में भाजपा का दामन थामा, लेकिन 2002 के विधानसभा चुनाव से पहले फिर कांग्रेस में वापसी की।
2007 में कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने पार्टी को सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई और बाद में गृह मंत्री बने। वर्ष 2021 में उन्होंने दोबारा भाजपा में शामिल होकर 2022 में पोंडा सीट से जीत हासिल की, जिसके बाद वे प्रमोद सावंत सरकार में कैबिनेट मंत्री बने।
रवि नाइक अपने संतुलित और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से गोवा की राजनीति ने एक अनुभवी और लोकप्रिय नेता खो दिया है।
