जगदलपुर 16 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सली प्रवक्ता रूपेश समेत 140 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। DKSZCM (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर) सदस्य रूपेश माड़ डिवीजन और इंद्रावती एरिया कमेटी इलाके में एक्टिव था।
सभी हथियार के साथ इंद्रावती नदी के उसपरी घाट पहुंचे। यहां से उन्हें बोट के जरिए बीजापुर पुलिस के पास लाया गया है। इस पूरे इलाके में पुलिस बल को तैनात किया गया है। प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा जगदलपुर पहुंच गए हैं। कल शुक्रवार को सीएम विष्णुदेव साय के समक्ष सभी नक्सली आधिकारिक तौर पर सरेंडर करेंगे।
रूपेश नक्सलियों का प्रवक्ता है। हार्डकोर नक्सली है। रूपेश के साथ आए लोगों में 1 सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM), 2 दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (DKSZCM), 15 डिविजनल कमेटी मेंबर (DVCM), एक माड़ DVC और 121 अन्य कैडर के माओवादी शामिल हैं। इससे पूरा माड़ डिवीजन खाली हो जाएगा।
बता दें कि एक दिन पहले 15 अक्टूबर को कांकेर जिले में करीब 50 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया था। इनमें टॉप लीडर राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना शामिल है। जंगलों से बाहर आकर इन नक्सलियों ने कामतेड़ा BSF कैंप में हथियार डाले हैं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार नक्सलियों के छिपने की कोई जगह नहीं छोड़ रहे हैं। देश में अब नक्सली प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। 31 मार्च, 2026 तक भारत नक्सलवाद के खतरे से मुक्त हो जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर बताया कि देश में अब नक्सली प्रभावित जिलों की संख्या 18 से घटकर 11 रह गई है। इसमें भी जो सबसे ज्यादा प्रभावित जिले थे। उनकी संख्या 6 से 3 रह गई है। अब केवल छत्तीसगढ़ का बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर ही 3 ऐसे जिले रह गए हैं। जो नक्सलियों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
