रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में नामजद रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा को रायपुर की स्पेशल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को जमानत दे दी है। इससे पहले दोनों ने 22 सितंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में सरेंडर किया था, जिसके बाद उन्हें 16 अक्टूबर तक ईडी की कस्टडी में भेजा गया था।
रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद, दोनों अधिकारियों को एक बार फिर विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस मामले में दोनों को अग्रिम जमानत दे चुका था।
ED पेश करेगी चार्जशीट
ईडी ने अदालत को सूचित किया है कि वह आगामी 7 दिसंबर को मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी। इसके बाद केस में विधिवत सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। नान घोटाला केस में लंबे समय से जांच चल रही है और यह छत्तीसगढ़ की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला रहा है।
5 दिन तक चक्कर काटते रहे कोर्ट
सूत्रों के मुताबिक, शुक्ला और टुटेजा सरेंडर के लिए लगातार 5 दिनों तक ईडी कोर्ट के चक्कर काटते रहे। अंततः 22 सितंबर को ईडी अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों ने कोर्ट में समर्पण किया। इसके बाद दोनों को दिल्ली स्थित ईडी हेडक्वार्टर ले जाया गया, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की
