नंदलालपुरा में रहने वाले सभी किन्नरों का अब मेडिकल टेस्ट किया जाएगा…

इंदौर 17 अक्टूबर  2025 : नंदलालपुरा में रहने वाले सभी किन्नरों का अब मेडिकल टेस्ट किया जाएगा। वह भी तब जब विवाद के बाद 24 किन्नरों ने एक साथ फिनाइल पी लिया। हालांकि, चार महीने पहले किन्नरों के विवादों के चलते गठित की गई SIT ने रिपोर्ट सौंपना तो दूर आज तक किसी के बयान तक नहीं लिए। यदि उस समय कोई निर्णय लिया जाता तो विवाद इतना न बढ़ता।

24 किन्नरों के फिनाइल पीने के बाद अचानक शहर के बीजेपी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को पुलिस कमिश्नर से मिलने पलासिया स्थित उनके ऑफिस पहुंचा। यहां उन्होंने नंदलालपुरा के डेरे में रहने वाले सभी किन्नरों के मेडिकल टेस्ट करवाने की बात रखी।

यहां रह रहे किन्नरों के डॉक्यूमेंट चेक करने के साथ ही डेरे में सीमा और पायल गुरु के मालेगांव कनेक्शन और मनी लॉन्ड्रिंग की भी जांच कराने की बात कही। बीजेपी नेताओं ने पुलिस की SIT पर सवाल उठाए, जिसमें उन्होंने पूर्व में जांच सही से नहीं करने की बात कही। पुलिस कमिश्नर ने सभी पर सहमति दी है।

किन्नर सपना गुरु, किन्नर पायल और अन्य किन्नरों के बीच विवाद पुराना था। 30 मई 2025 को सपना के कमरे का ताला तोड़कर पायल और उसके साथी किन्नरों ने सामान चुराया था। इसकी शिकायत पंढरीनाथ थाने में दर्ज की गई, लेकिन टीआई अजय नायर ने इस मामले में बयान नहीं लिए और 20 दिन में ही पूरे प्रकरण के खात्मे को लेकर उसका प्रतिवेदन बना दिया।

मामले में जब वरिष्ठ अफसरों को जानकारी दी गई तो उन्होंने जांच रोकी। मामले में SIT गठित की गई। बताया जाता है कि 4 महीने में SIT किसी के बयान तक लेने नहीं पहुंची। इसी SIT को लेकर प्रतिनिधिमंडल में आए वकील नायडु और सचिन सोनकर ने भी सवाल उठाए हैं।

4 महीने पहले पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने ऋषिकेश मीणा के निर्देशन में SIT गठित की थी, जिसमें एडिशनल डीसीपी आंनद यादव, सराफा एसीपी हेमंत चौहान और टीआई पंढरीनाथ को शामिल किया था। ऋषिकेश मीना और आनंद यादव के तबादले के बाद SIT की जांच ठंडी पड़ गई। वहीं, बदले अफसरों ने नंदलालपुरा के किन्नर गुट को सिरे से खारिज कर दिया।