छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति अंतिम चरण में, दीपावली तक पूरी होगी प्रक्रिया – रायपुर में ओबीसी नेताओं की दावेदारी मजबूत

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। राज्य के करीब 80 प्रतिशत जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम दौर में है और दीपावली तक इसे पूर्ण कर लिए जाने की संभावना है। इस प्रक्रिया के तहत प्रदेश के 41 जिलों में नए अध्यक्ष नियुक्त किए जाने हैं।

17 पर्यवेक्षक कर रहे जिलों का मूल्यांकन

कांग्रेस आलाकमान ने जिलाध्यक्ष चयन के लिए 17 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। ये पर्यवेक्षक अपने-अपने जिलों में दौरा कर रहे हैं और संभावित दावेदारों से चर्चा के आधार पर 6-6 नामों का एक पैनल तैयार कर रहे हैं। यह पैनल एआईसीसी को भेजा जाएगा, जहां वरिष्ठ नेतृत्व समीक्षा कर अंतिम मुहर लगाएगा।

पर्यवेक्षकों में सप्तगिरि उल्का, अजय कुमार लल्लू, सुबोध कांत सहाय, उमंग सिंगार, आरसी खूंटियां, राजेश ठाकुर, विवेक बंसल, नितिन राउत, श्याम कुमार बर्वे, प्रफुल्ल गडाधे, चरण सिंह सप्रे, विकास ठाकरे, हिना कावरे, रीता चौधरी, रिहाना रियाज चिश्ती, अजमतउल्लाह हुसैनी और सीताराम लांबा जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

रायपुर में ओबीसी समुदाय की दावेदारी प्रमुख

रायपुर जिला अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस के भीतर ओबीसी समुदाय से आने वाले नेताओं में खासा उत्साह है। यादव और साहू समाज से जुड़े नेताओं ने पर्यवेक्षकों से मुलाकात कर इस बार ओबीसी वर्ग से अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की है। चर्चा के दौरान पर्यवेक्षकों ने भी इन समुदायों से विचार-विमर्श कर पैनल तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।

चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता

पर्यवेक्षकों द्वारा तैयार की जा रही रिपोर्ट में उम्मीदवारों के जनाधार, संगठनात्मक अनुभव, सामाजिक समीकरण और विवाद रहित छवि जैसे पहलुओं को प्रमुखता दी जा रही है। साथ ही फील्ड विजिट और व्यक्तिगत साक्षात्कार भी इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा हैं।

अंतिम मुहर हाईकमान की

कांग्रेस आलाकमान ही इन पैनलों पर अंतिम निर्णय लेगा और उसी के बाद जिलाध्यक्षों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि दीपावली से पहले यह सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी, जिससे संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिल सके।