रायपुर, 22 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ इस 1 नवंबर को अपने स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को राज्य सरकार गर्व, गौरव और छत्तीसगढ़ी पहचान के महाउत्सव के रूप में मना रही है। इस बार राज्योत्सव को तीन दिन के बजाय पूरे पाँच दिनों तक नवा रायपुर में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
राज्योत्सव 1 से 5 नवंबर तक चलेगा और इसकी शुरुआत 1 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की जाएगी। प्रधानमंत्री 31 अक्टूबर की शाम रायपुर पहुंचेंगे और अगले दिन वे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। वहीं, समापन समारोह में उपराष्ट्रपति की मौजूदगी प्रस्तावित है।
राज्योत्सव के मुख्य आकर्षण:
🛩 एयर शो: पहली बार छत्तीसगढ़ की फिजाओं में सूर्यकिरण की लहरें
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार, भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम शानदार एयर शो का प्रदर्शन करेगी। 5 नवंबर की सुबह, रायपुर के सेन्ध तालाब के ऊपर, नौ फाइटर जेट्स के ज़रिए 40 मिनट का यह शो आयोजित किया जाएगा। इसमें फॉर्मेशन फ्लाइंग, एयरोबेटिक स्टंट्स और कई रोमांचक करतब देखने को मिलेंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
🏛 देश का पहला आदिवासी डिजिटल संग्रहालय:
प्रधानमंत्री मोदी राज्योत्सव के अवसर पर नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह डिजिटल संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। यह देश का पहला पूर्ण डिजिटल आदिवासी संग्रहालय होगा। इसमें छत्तीसगढ़ के 16 प्रमुख आदिवासी विद्रोहों, जैसे सोनाखान विद्रोह, भूमकाल आंदोलन, की डिजिटल झलक मिलेगी।
इसमें सरगुजा कलाकारों की नक्काशी, 1400 वर्ष पुराने साल वृक्ष की प्रतिकृति, और 14 थीम आधारित गैलरियां शामिल हैं, जो आदिवासी शौर्य, बलिदान और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बनेंगी।
🏛️ नया विधानसभा भवन: छत्तीसगढ़ी परंपरा की झलक
छत्तीसगढ़ की पहचान को दर्शाता नया विधानसभा भवन अब पूरी तरह तैयार है, और इसका उद्घाटन भी 1 नवंबर को पीएम मोदी द्वारा किया जाएगा। भवन में धान की बालियों की नक्काशी, छत्तीसगढ़ी स्थापत्य कला और अत्याधुनिक सुविधाएं सम्मिलित हैं। इसे तीन सेक्टरों में विभाजित किया गया है और सभी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
25 साल की उपलब्धियों का उत्सव
छत्तीसगढ़ ने बीते 25 वर्षों में तेज़ विकास, समृद्ध सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक समावेशिता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस रजत जयंती वर्ष का राज्योत्सव सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि जनगौरव का उत्सव बनने जा रहा है।
