CGPSC घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के बेटे,भतीजे और कारोबारी श्रवण गोयल के परिजनों को जमानत दी..

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चार आरोपियों को जमानत दे दी है। राहत पाने वालों में CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के बेटे नितेश सोनवानी, भतीजे साहिल सोनवानी, कारोबारी श्रवण गोयल के बेटे शशांक गोयल और बहू भूमिका कटियार शामिल हैं। ये सभी पिछले कई महीनों से रायपुर जेल में न्यायिक हिरासत में थे। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए इन्हें जमानत मंजूर की है।

CBI की जांच में खुलासा हुआ कि CGPSC के तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी ने परीक्षा का पेपर अपने घर में ही लीक किया था। वहां पर उसने अपने बेटे नितेश, भतीजे साहिल, पत्नी निशा कोशले और दीपा आदिल को प्रश्नपत्र दिए। इसके बाद ये सभी परीक्षा में उच्च पदों पर चयनित हुए।

CBI ने अपनी चार्जशीट में टामन को घोटाले का “मास्टरमाइंड” बताया है। एजेंसी के मुताबिक, इस रैकेट में टामन के साथ ही परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, उप नियंत्रक ललित गणवीर, सचिव जीवन किशोर ध्रुव और कारोबारी श्रवण गोयल की भूमिका भी सामने आई है।

CBI ने 30 सितंबर को इस मामले में 2000 पन्नों का पहला पूरक चालान पेश किया था, जिसमें परीक्षा लीक से लेकर चयन तक के पूरे नेटवर्क का ब्योरा दिया गया है। अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें PSC के पूर्व अधिकारी, उनके परिजन और कारोबारी परिवार शामिल हैं। एजेंसी के मुताबिक, 2021 की परीक्षा में 171 पदों के लिए हुई भर्ती में पारदर्शिता की खुली धज्जियां उड़ाई गईं।