हमारी बेटियों ने फिर रचा इतिहास!
जब हर गेंद पर उम्मीदें डगमगाने लगीं, तब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने साहस, संयम और जुनून से खेल का रुख ही बदल दिया।
महिला क्रिकेट विश्वकप के सेमीफाइनल के रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराकर, अपने जज़्बे और एकजुटता से यह साबित कर दिया कि असली खिलाड़ी वही है जो मुश्किल वक्त में भी हार नहीं मानता।
आज भारत की बेटियों ने महिला क्रिकेट विश्वकप के फाइनल में प्रवेश कर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया है।
यह जीत सिर्फ एक मैच की नहीं, यह हर उस सपने की जीत है जो मैदान से लेकर हर छोटे शहर के क्रिकेट ग्राउंड में देखा जाता है।
-श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
