आज मनाई जाएगी देवउठनी एकादशी

आज देवउठनी एकादशी है। ज्योतिषी इस दिन को अबूझ मुहूर्त मानते हैं, इसलिए ये सीजन का पहला विवाह मुहूर्त होता है। देवउठनी एकादशी पर बिना मुहूर्त देखे भी शादी कर सकते हैं। पुराणों में लिखा है कि इस दिन तुलसी और भगवान शालग्राम का विवाह हुआ था। ये ही वजह है कि इस दिन से शादियों का सीजन भी शुरू हो जाता है। माना जाता है भगवान विष्णु चार महीने योगनिद्रा में रहते है और इसी दिन जागते हैं, इसलिए इसे देव प्रबोधिनी एकादशी कहते हैं। गृह प्रवेश और बाकी मांगलिक काम भी इसी दिन से शुरू होते हैं।

2 नवंबर से शादियां शुरू होंगी और सीजन का आखिरी मुहूर्त 6 दिसंबर रहेगा। शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण दिसंबर में ज्यादा मुहूर्त नहीं होंगे। आमतौर पर 15 दिसंबर तक तो शादियों के मुहूर्त रहते ही हैं। इसके बाद धनुर्मास शुरू हो जाता है। जिसमें शादियां नहीं होती।

हर साल 15 जनवरी को धनुर्मास खत्म होते ही शादियों के मुहूर्त शुरू हो जाते हैं। इस बार शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण जनवरी में शादी के लिए एक भी मुहूर्त नहीं होगा। हालांकि 23 जनवरी को वसंत पंचमी पर देश में कुछ जगह शादियां होंगी, क्योंकि परंपरा के अनुसार कुछ लोग इस दिन को भी शादी का बड़ा मुहूर्त मानते हैं।

ज्योतिषियों के अनुसार 2026 का पहला विवाह मुहूर्त 5 फरवरी को रहेगा। साल का आखिरी मुहूर्त 6 दिसंबर को होगा। सालभर में कुल 59 विवाह मुहूर्त रहेंगे।