SIR- चुनाव आयोग का बड़ा कदम: 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में आज से घर-घर मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण शुरू

नई दिल्ली। देश में पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग मंगलवार से नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य शुरू कर रहा है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची को घर-घर जाकर अपडेट किया जाएगा ताकि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए और कोई भी अयोग्य नाम सूची में शामिल न रहे।

यह प्रक्रिया 7 फरवरी, 2026 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ पूरी होगी। इस चरण में शामिल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 51 करोड़ मतदाता हैं।

किन राज्यों में चलेगा अभियान

एसआइआर का यह दूसरा चरण उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, गोवा, केरल, तमिलनाडु, बंगाल, और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में चलाया जाएगा।
इनमें से तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में वर्ष 2026 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

वहीं, असम में नागरिकता से संबंधित सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली प्रक्रिया चल रही है, इसलिए वहां के लिए एसआइआर की घोषणा अलग से की जाएगी।

गणना चरण 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 27 अक्टूबर को इस अभियान की घोषणा की थी।

  • 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक गणना चरण चलेगा।

  • 9 दिसंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची जारी की जाएगी।

  • 7 फरवरी, 2026 को अंतिम सूची प्रकाशित होगी।

आयोग का लक्ष्य

चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआइआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि

  • कोई भी योग्य मतदाता छूटे नहीं,

  • और कोई भी अयोग्य या अवैध प्रवासी मतदाता सूची में शामिल न हो।

यह पहल विशेष रूप से उन राज्यों में अहम है जहां बांग्लादेश और म्यांमार से अवैध प्रवासियों की शिकायतें आती रही हैं।

तमिलनाडु में पूरी नई मतदाता सूची बनेगी

चेन्नई में हुई सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने मद्रास हाई कोर्ट को बताया कि तमिलनाडु में इस प्रक्रिया के बाद पूरी तरह नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी
आयोग के स्थायी वकील निरंजन राजगोपालन ने बताया कि यह अभ्यास एनुअल स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) से अलग है। जहां एसएसआर में केवल सुधार या नए नाम जोड़े जाते हैं, वहीं एसआइआर में हर मतदाता की नए सिरे से गणना की जाती है।