वर्ल्डकप में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने को तैयार हरिहर, पर आर्थिक तंगी बनी बाधा

बिलासपुर के दिव्यांग फेंसर हरिहर सिंह राजपूत का थाईलैंड वर्ल्डकप में चयन, खर्च उठाने को मांगी मदद

बिलासपुर। थाईलैंड के नखोन राचासीमा में 17 से 24 नवंबर तक होने वाले व्हीलचेयर फेंसिंग वर्ल्डकप में भारत की 8 सदस्यीय टीम का चयन किया गया है। इस टीम में छत्तीसगढ़ से एकमात्र खिलाड़ी बिलासपुर के हरिहर सिंह राजपूत को जगह मिली है। हरिहर ने हाल ही में चेन्नई में हुई राष्ट्रीय व्हीलचेयर फेंसिंग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर अपना लोहा मनवाया था। इसी प्रदर्शन के दम पर व्हीलचेयर फेंसिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उनका चयन वर्ल्डकप के लिए किया है।

लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का नाम रोशन करने जा रहे इस दिव्यांग खिलाड़ी के सामने अब आर्थिक संकट सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए उन्हें करीब 2 लाख 16 हजार 200 रुपए की जरूरत है, जिसमें एंट्री फीस, होटल, भोजन, हवाई यात्रा, रजिस्ट्रेशन, क्लासिफिकेशन और रेफरी फीस शामिल है।

कलेक्टर से मांगी मदद, विभाग में अटका आवेदन

हरिहर ने वर्ल्डकप में भाग लेने के लिए जिला प्रशासन और खेल विभाग से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि आवेदन कलेक्टर के माध्यम से खेल विभाग को भेजा गया, लेकिन अब तक राशि जारी नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, “मैंने टूर्नामेंट की तैयारी पूरी कर ली है। देश के लिए खेलने का सपना है, पर आर्थिक तंगी सबसे बड़ी रुकावट बन रही है। अगर विभाग से राशि जल्द मिल जाए तो उधार का तनाव कम हो जाएगा।”

अटल आवास में रहते हैं, पिता चलाते हैं गुपचुप ठेला

हरिहर सिंह राजपूत बिलासपुर के सरकंडा स्थित अटल आवास में रहते हैं। उनके पिता मानसिंह राजपूत गुपचुप ठेला चलाकर पूरे परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बावजूद इसके, हरिहर ने कभी अपने सपनों को ठहरने नहीं दिया और निरंतर मेहनत से राज्य और देश का नाम रोशन किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर 20 से अधिक मेडल जीते, राजीव पांडेय अवॉर्ड से सम्मानित

हरिहर पिछले 13 सालों से व्हीलचेयर फेंसिंग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अब तक वे 20 से अधिक पदक जीत चुके हैं।
2012 से लेकर 2025 तक हरिहर ने ओडिशा, हरियाणा, मणिपुर, चेन्नई और तमिलनाडु जैसे कई राज्यों में आयोजित प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते हैं।
उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजीव पांडेय अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।