अब नर्मदा परिक्रमा करने वालों को मिलेगा सरकारी प्रमाणपत्र — हर परिक्रमावासी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, पंचायतें रखेंगी रिकॉर्ड

भोपाल। प्रदेश सरकार ने अब नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की पूरी जानकारी अपने रिकॉर्ड में रखने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत राज्य सरकार ने नर्मदा नदी और परिक्रमा मार्ग से जुड़े सभी जिलों की ग्राम पंचायतों को आदेश जारी किए हैं कि वे प्रत्येक परिक्रमावासी को प्रमाणपत्र (Certificate) जारी करें।

इस फैसले का उद्देश्य परिक्रमावासियों की पहचान सुनिश्चित करना, उनकी सुरक्षा बढ़ाना और यात्रा के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान में मदद करना है।

हर साल हजारों श्रद्धालु करते हैं नर्मदा परिक्रमा

मध्यप्रदेश में नर्मदा नदी को ‘मां नर्मदा’ के रूप में पूजा जाता है। हर साल हजारों श्रद्धालु अमरकंटक से लेकर अरब सागर तक और फिर वापस अमरकंटक तक नर्मदा परिक्रमा करते हैं। अब इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को ग्राम पंचायत द्वारा जारी प्रमाणपत्र दिखाना होगा, जिससे उन्हें किसी भी गांव या इलाके में पहचान दिखाने में परेशानी नहीं होगी।

प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया

सरकार द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार —

  • परिक्रमावासी को ग्राम पंचायत में आवेदन देना होगा, साथ में दो पासपोर्ट साइज फोटो और एक पहचान पत्र लगाना होगा।

  • आवेदन की जांच के बाद ग्राम पंचायत तय फॉर्मेट में प्रमाणपत्र जारी करेगी।

  • पंचायत को परिक्रमावासियों का रजिस्टर बनाना अनिवार्य किया गया है।

  • प्रमाणपत्र धारक परिक्रमावासी किसी भी गांव या प्रशासनिक क्षेत्र में आसानी से प्रवेश कर सकेंगे।

  • स्थानीय पुलिस और प्रशासन इस प्रमाणपत्र को वैध पहचान पत्र के रूप में मान्यता देंगे।

31 अक्टूबर तक की जानकारी मांगी गई

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जनपद पंचायतों से कहा है कि 31 अक्टूबर तक जारी किए गए प्रमाणपत्रों की जानकारी तलब की जाए। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि 15 दिन के भीतर सभी पंचायतें अपने रजिस्टर की जानकारी संचालनालय को भेजें।

अपराधियों को नहीं मिलेगा प्रमाणपत्र

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे व्यक्ति जिन पर कोई आपराधिक प्रकरण दर्ज है, उन्हें परिक्रमा प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा।

लाभ — पहचान, सुरक्षा और सुविधा

इस व्यवस्था से नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को

  • पहचान संबंधी परेशानी नहीं होगी,

  • प्रशासन से सहयोग मिल सकेगा,

  • और परिक्रमा यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि इस कदम से “मां नर्मदा की परिक्रमा” जैसी पवित्र यात्रा को और सुगम व सुरक्षित बनाया जा सकेगा।