नई दिल्ली। 10 नवंबर की शाम दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुए भीषण विस्फोट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। डीएनए परीक्षण से यह पुष्टि हो गई है कि विस्फोट में संदिग्ध के रूप में सामने आए डॉ. उमर मोहम्मद ही शामिल थे।
जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से मिले मानव अंगों के नमूनों का मिलान उमर के परिवार के डीएनए से कराया था। रिपोर्ट में दोनों के डीएनए एक जैसे पाए गए हैं, जिससे उमर की संलिप्तता और मौके पर मौजूदगी की पुष्टि हो गई है।
🔹 विस्फोट में 12 की मौत, कई घायल
सोमवार शाम लाल किले के सामने एक हुंडई i20 कार में जबरदस्त धमाका हुआ था। इस विस्फोट में 12 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शुरुआती जांच में पता चला कि जिस कार से धमाका हुआ, वह डॉ. उमर नबी मोहम्मद चला रहे थे।
हालांकि, विस्फोट के बाद उनका शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था, जिससे पहचान करना मुश्किल था। पुलिस ने डीएनए जांच के लिए उमर की मां को नमूने देने बुलाया था।
🔹 डीएनए रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
अधिकारियों के अनुसार, जांच में यह साफ हो गया है कि विस्फोट स्थल पर मिले मानव अवशेष उमर के ही हैं। “डीएनए रिपोर्ट ने हमारे सभी संदेहों की पुष्टि कर दी है,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया।
जांच एजेंसियों का मानना है कि उमर स्वयं कार में मौजूद था और विस्फोट का मास्टरमाइंड भी वही था। हालांकि, इस बात की जांच जारी है कि धमाके के पीछे उसकी मंशा क्या थी और उसे किससे मदद मिली।
🔹 अब जांच का फोकस उमर के नेटवर्क पर
दिल्ली पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अब उमर के संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह धमाका किसी बड़े मॉड्यूल का हिस्सा था या व्यक्तिगत स्तर पर किया गया हमला था।
