सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग केस में बड़ा अपडेट: वीरेंद्र सिंह तोमर 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया, भाई रोहित की तलाश तेज

सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग के गंभीर मामले में गिरफ्तार वीरेंद्र सिंह तोमर को शुक्रवार को रिमांड खत्म होने पर कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने पूछताछ पूरी होने के बाद न्यायिक रिमांड की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। इसके बाद वीरेंद्र को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है। फिलहाल उसे रायपुर जेल की सामान्य बैरक में रखा गया है।

फरार भाई रोहित की तलाश में दबिश

पुलिस अब वीरेंद्र के छोटे भाई रोहित तोमर की तलाश तेज कर चुकी है। घटना के बाद से वह फरार है।
पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी की, लेकिन रोहित का कोई पता नहीं चला।
शंका है कि वह करणी सेना के पदाधिकारियों में से किसी के घर छिपा हुआ है।

समर्थन में जुटी भीड़, पुलिस ने कराई वीडियोग्राफी

वीरेंद्र को कोर्ट और जेल लाए जाने के दौरान बड़ी संख्या में लोग उसके समर्थन में पहुंचे।
नारेबाजी भी हुई, जिसकी पुलिस ने पूरी वीडियोग्राफी कराई। अब नारेबाजी करने वालों की पहचान की जा रही है।

फरारी के दौरान करणी सेना से मिली पनाह

पूछताछ में वीरेंद्र ने चौंकाने वाला खुलासा किया है—
उसने बताया कि 162 दिनों की फरारी के दौरान उसे करणी सेना के कई पदाधिकारियों ने पनाह दी थी।

पुलिस अब इन लोगों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

  • पुलिस कानूनी राय ले रही है।

  • मंजूरी मिलने पर गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश में छापेमारी होगी।

  • पनाह देने वाले करणी सेना पदाधिकारियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

आगे की कार्रवाई

पुलिस वीरेंद्र से जुड़े लोगों की सूची तैयार कर रही है।
जिन-जिन जगहों पर उसके कॉन्टैक्ट्स मिले हैं, वहां दबिश की तैयारी जारी है।
रोहित की गिरफ्तारी को पुलिस फिलहाल इस केस की सबसे अहम कड़ी मानकर चल रही है।

इस मामले में आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और भी बड़ी हो सकती है।