दो फैक्ट्रियों में NHRC का बड़ा छापा — 109 नाबालिग मजदूर रेस्क्यू, दोनों यूनिट्स तत्काल बंद

राजधानी रायपुर में बाल श्रम के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सोमवार दोपहर बड़ी कार्रवाई की। सड्डू स्थित बिस्कुट फैक्ट्री और खरोरा की मशरूम फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान 109 नाबालिग मजदूर (68 लड़कियां, 41 लड़के) काम करते मिले। अधिकांश मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के रहने वाले हैं।

NHRC ने इसे बाल श्रम कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए दोनों फैक्ट्रियों को तुरंत बंद करने के आदेश दिए हैं। रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को महिला एवं बाल विकास विभाग ने अस्थायी सुरक्षा केंद्रों में रखा है।


दस्तावेजों की जांच जारी, सभी बच्चों को प्रशासन के सुपुर्द

छापे के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, महिला एवं बाल विकास तथा श्रम विभाग की टीमें भी मौजूद रहीं।
NHRC की टीम ने बच्चों की उम्र और पहचान से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। परिजनों को तलब किया गया है और सभी 109 बच्चों को फिलहाल माना स्थित सेंटर में रखा गया है।

दिल्ली से बचपन बचाओ आंदोलन (BBA) की टीम भी जांच के लिए रायपुर पहुंची है।


जुलाई में भी मोजो फैक्ट्री में हुआ था बड़ा खुलासा, पर FIR नहीं

जुलाई में प्रशासन ने मोजो फैक्ट्री पर छापा मारकर 97 मजदूरों को रेस्क्यू किया था। उस दौरान मजदूरों के साथ—

  • मारपीट,

  • जबरन मजदूरी,

  • और समय पर वेतन न देने

जैसी शिकायतें सामने आई थीं। श्रम विभाग ने मजदूरों को बकाया दिलाकर छोड़ तो दिया, लेकिन मामले में आज तक FIR दर्ज नहीं हुई

NHRC ने मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लेते हुए पिछले तीन महीनों में प्रारंभिक जांच की और इसके बाद सोमवार को दो फैक्ट्रियों में एक साथ छापेमारी की।


कैसे हुआ खुलासा — NHRC टीम की अचानक एंट्री

NHRC की टीम पहले खरोरा की मशरूम फैक्ट्री पहुंची और तुरंत प्रशासन व पुलिस को बुलाया। इसके बाद फैक्ट्री के अंदर निरीक्षण किया गया, जहां बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चे काम करते मिले।

टीम ने सभी बच्चों को बाहर निकालकर बस में बैठाया और सुरक्षित स्थान पर भेज दिया।
सड्डू की बिस्कुट फैक्ट्री से भी नाबालिग मजदूरों को इसी तरह रेस्क्यू किया गया।


मालिकों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी

बाल श्रम कानून के तहत—

नाबालिग से काम कराने पर नियोक्ता को
2 साल तक की कैद और भारी जुर्माना

का प्रावधान है।

NHRC ने जिला प्रशासन को केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की सिफारिश की है। श्रम विभाग भी फैक्ट्रियों की कार्यप्रणाली और रिकॉर्ड खंगाल रहा है।


मामले से हड़कंप, अब तक की सबसे बड़ी बाल श्रम कार्रवाई

रायपुर में एक साथ 109 बच्चों का रेस्क्यू हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
दोनों फैक्ट्रियों से मिली शिकायतों, जुलाई की कार्रवाई, और प्रशासन की लापरवाही के बाद NHRC की सक्रियता ने पूरे मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि सभी बच्चों की उम्र की जांच, मूल स्थान की पुष्टि और उनके सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया अगले कुछ दिनों में पूरी की जाएगी।