रायगढ़ जिले के उद्योगों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने पिछले महीने बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद 7 उद्योगों पर जुर्माना लगाया गया है। वहीं 6 उद्योगों में सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर मामला श्रम न्यायालय में दर्ज कराया गया है।
जांच में खुलासा — कई उद्योगों में फैक्ट्री एक्ट का उल्लंघन
निरीक्षण के दौरान विभाग ने पाया कि कई उद्योग कारखाना अधिनियम 1948 तथा अन्य सुरक्षा नियमों का अनुपालन नहीं कर रहे थे। कामगारों की सुरक्षा, कार्य समय, अवकाश, मशीनरी सुरक्षा और रासायनिक सुरक्षा से जुड़े गंभीर उल्लंघन सामने आए।
जिंदल पावर तमनार पर मामला दर्ज
जांच के बाद जिंदल पावर लिमिटेड, तमनार के खिलाफ फैक्ट्री एक्ट की धारा 79 और 52 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
ये धाराएं कर्मचारियों के अवकाश और कार्य समय से संबंधित हैं।
जिंदल स्टील एंड पावर, MSP स्टील समेत कई बड़े उद्योगों पर कार्रवाई
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जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (1 MPA स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट)
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उल्लंघन: धारा 59, 54, 56, 79, 52 और धारा 41(B)
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प्रकरण श्रम न्यायालय में।
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MSP स्टील एंड पावर लिमिटेड, जामगांव
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उल्लंघन: धारा 41 सहपठित नियम 73(घ), नियम 73(1)
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सुरक्षा मानकों में बड़ी खामियां।
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नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड, तराईमाल
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उल्लंघन: धारा 41 सहपठित नियम 73(घ) और 73(1)
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रासायनिक सुरक्षा से जुड़े गंभीर सवाल।
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NRVS स्टील्स लिमिटेड, ग्राम तराईमाल
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उल्लंघन: धारा 7A(2)(A), धारा 41 सहपठित नियम 73(1)
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कर्मचारी सुरक्षा और मशीनरी जोखिम नियमों का उल्लंघन।
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इंड सिनर्जी और AG कंस्ट्रक्शन पर भी प्रकरण
औद्योगिक जांच के दौरान इंड सिनर्जी लिमिटेड, कोटमार और AG कंस्ट्रक्शन में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के कई नियमों का उल्लंघन मिला।
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धारा 40
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नियम 42(7), 42(5), 54, 178
इनके खिलाफ भी मामले दर्ज कर श्रम न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
अधिकारियों ने जताई चिंता — “अनदेखी बनी हादसों की वजह”
उद्योगों में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी रायगढ़ में हो रही दुर्घटनाओं का बड़ा कारण रही है। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि—
“कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बड़े उद्योगों का नियमों का पालन न करना गंभीर अपराध है।”
आगे और कार्रवाई के संकेत
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगे भी इसी तरह के निरीक्षण होंगे और किसी भी उद्योग को नियमों के उल्लंघन पर बख्शा नहीं जाएगा। जिन उद्योगों में मामला श्रम न्यायालय पहुंचा है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
जिले में इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
