नवा रायपुर में 28 से 30 नवंबर तक होने वाली 60वीं अखिल भारतीय डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस की सुरक्षा को लेकर रविवार को सिविल लाइन सी-4 में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आईआईएम, नवीन विश्राम गृह, स्पीकर हाउस, एम-11 मंत्री बंगले सहित अन्य वीवीआईपी स्थानों की सुरक्षा रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी स्थानों पर तीन शिफ्ट में अधिकारियों और जवानों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि सुरक्षा ड्यूटी के दौरान क्या-क्या करना है और किन बातों का कड़ाई से पालन करना है। पीएम की सुरक्षा का दायित्व एडीजी दीपांशु काबरा को सौंपा गया है। उनके साथ छह से अधिक आईजी और डीआईजी रैंक के अधिकारी सुरक्षा प्रबंधन में तैनात रहेंगे।
खुफिया चीफ अमित कुमार को संपूर्ण जिम्मेदारी
खुफिया विभाग के प्रमुख अमित कुमार को कॉन्फ्रेंस की संपूर्ण मॉनिटरिंग का दायित्व दिया गया है। उन्होंने बैठक में तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में आईजी आनंद छाबड़ा, अंकित गर्ग, अमरेश मिश्रा, डॉ. संजीव शुक्ला, ध्रुव गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अधिकारियों को मिली विशेष जिम्मेदारियां
कॉन्फ्रेंस से जुड़े विभिन्न प्रबंधन कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं—
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आईजी आनंद छाबड़ा – भोजन व्यवस्था
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ओपी पाल – आवास व्यवस्था
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ध्रुव गुप्ता – कंट्रोल रूम संचालन
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अन्य अधिकारियों को परिवहन और लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जहां-जहां वीआईपी अतिथि ठहरेंगे, वहां कमांडेंट या एसपी रैंक के अधिकारी सुरक्षा प्रभारी होंगे। आईआईएम में विशेष रूप से आईजी रैंक के अधिकारी तैनात रहेंगे।
ठहरने की व्यवस्था
कॉन्फ्रेंस के लिए नवा रायपुर में बड़े पैमाने पर ठहरने की व्यवस्था की गई है—
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प्रधानमंत्री – एम-1
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केंद्रीय गृहमंत्री – एम-11
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नवीन सर्किट हाउस – एनएसए अजीत डोभाल, डिप्टी एनएसए अनीश दयाल सिंह, आईबी चीफ तपन डेका, केंद्रीय गृह सचिव और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री
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यहाँ 6 सूइट और 22 कमरे आरक्षित
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ठाकुर प्यारेलाल संस्थान – 140 कमरे
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निमोरा अकादमी – 91 कमरे
यहां 33 राज्यों से पहुंचने वाले डीजीपी, पैरामिलिट्री फोर्स के 20 डीजी/एडीजी सहित कुल 75 शीर्ष पुलिस अधिकारी ठहरेंगे। सुरक्षा को लेकर सभी एजेंसियों ने तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं।
