IIM नवा रायपुर में DGP-IG कॉन्फ्रेंस का अंतिम दिन आज, पीएम मोदी करेंगे अधिकारियों से चर्चा

रायपुर। IIM नवा रायपुर में आयोजित 60वें अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस का आज तीसरा और अंतिम दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 9 बजे अधिकारियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग करेंगे। इसके बाद करीब 10 बजे से मुख्य सत्रों की शुरुआत होगी। आज की बैठकों में मुख्य रूप से उन राज्यों को प्रेजेंटेशन का अवसर दिया जाएगा, जो अब तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाए हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी।

पुलिसिंग में AI का उपयोग मुख्य एजेंडा
पहले सत्र में पुलिसिंग में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग और उसकी संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा होगी। देशभर में बदलते अपराध स्वरूप और तकनीक के बढ़ते हस्तक्षेप के बीच AI आधारित निगरानी, विश्लेषण और अपराध नियंत्रण की रणनीतियों पर फोकस रहेगा।

दूसरे सत्र में गाइडलाइन का ड्राफ्ट तैयार होगा
दूसरे सत्र में सुरक्षा एजेंसियों की जमीनी जरूरतों, राज्यों के इनपुट और पिछली सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए अंतिम गाइडलाइन का ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही भारत के सामने मौजूद जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी।

‘मॉडल स्टेट’ का होगा चयन
सम्मेलन के दौरान देश का ‘मॉडल स्टेट’ भी चुना जाएगा, जिसकी बेहतरीन प्रैक्टिस को पूरे देश में लागू करने की योजना है। सभी सत्रों के पूरा होने के बाद सम्मेलन का औपचारिक समापन होगा।

पीएम से मिलेंगे सीएम व मंत्रिमंडल
सम्मेलन समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित राज्य मंत्रिमंडल और संगठन के नेता प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

दूसरे दिन हुई 13 घंटे की मैराथन बैठक
शनिवार को हुए दूसरे दिन के सत्र में 13 घंटे तक चली मैराथन बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नेतृत्व किया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित देशभर की सभी शीर्ष पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी इसमें मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा— “रायपुर में DGP/IGP कॉन्फ्रेंस में सिक्योरिटी सिस्टम के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा हुई। यह इस फील्ड में बेस्ट प्रैक्टिस और इनोवेशन साझा करने के लिए एक शानदार फोरम है।”

सम्मेलन के अंतिम दिन आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की उम्मीद है, जिनका प्रभाव देश की सुरक्षा रणनीति पर दूरगामी होगा।