रायपुर में सूदखोरी, अवैध वसूली, धमकी और मारपीट जैसे अपराधों में लंबे समय से सक्रिय नाम रोहित तोमर पर पुलिस ने शिकंजा और कस दिया है। लगातार 5 महीने से फरार इस हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने के लिए रायपुर पुलिस ने 5,000 रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस ने साफ कहा है कि जो भी व्यक्ति रोहित की पुख्ता जानकारी देगा, उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
भाई वीरेंद्र पर पहले ही था इनाम, अब जेल में
रोहित तोमर का भाई और अपराधी प्रवृत्ति का वीरेंद्र तोमर भी पुलिस की नजरों में था। उस पर भी इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने 9 नवंबर को उसे ग्वालियर से गिरफ्तार कर रायपुर जेल भेज दिया। हालांकि पूछताछ में उसने रोहित के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
हाईकोर्ट से कानूनी झटका—रिव्यू पिटीशन खारिज
रोहित को कानूनी स्तर पर बड़ा झटका तब लगा जब बिलासपुर हाईकोर्ट ने 2013 के गोलीकांड मामले में उसकी ओर से दायर रिव्यू पिटीशन खारिज कर दी। अब इस केस की अंतिम सुनवाई के लिए निचली अदालत में रास्ता साफ हो गया है। पुलिस का मानना है कि कानूनी असफलता और फरारी की वजह से अब रोहित पर और कड़े कदम उठाए जा सकेंगे।
ठिकाने बदल-बदलकर पुलिस से बच रहा है रोहित
पुलिस जांच में सामने आया है कि रोहित लगातार ठिकाने बदल रहा है, और इस दौरान कुछ स्थानीय सहयोगी उसकी मदद कर रहे हैं। यही वजह है कि पांच महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है।
रायपुर पुलिस की टीम उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “इनाम घोषित होने के बाद सूचना मिलने की संभावना बढ़ेगी और रोहित जल्द गिरफ्त में होगा।”
पुलिस अलर्ट, गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज
रायपुर पुलिस ने उसके खिलाफ एक विशेष टीम गठित की है। शहर और बाहर के संभावित जिलों में सुराग तलाशे जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि रोहित के लिए अब छिपना मुश्किल होगा।
फिलहाल इनाम जारी कर पुलिस ने जनता से भी सहयोग की अपील की है, ताकि इस फरार अपराधी को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
