रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा पर दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनका विशेष विमान शाम को पालम एयरपोर्ट पर उतरा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं पहुंचकर पुतिन का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और गले लगकर अभिवादन किया। इसके बाद दोनों एक ही गाड़ी में एयरपोर्ट से रवाना हुए, जिसे भारतीय-रूसी मित्रता का मजबूत संदेश माना जा रहा है।
अब टोल पर रुकने की जरूरत नहीं… अगले एक साल में हाईवे पर मौजूदा टोल वसूली सिस्टम खत्म हो जाएगा
2022 के यूक्रेन युद्ध के बाद पहली भारत यात्रा
साल 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद पुतिन पहली बार भारत आए हैं। उन्होंने 2023 में दिल्ली में हुए G20 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा नहीं लिया था। इसलिए यह दौरा रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
भारत-रूस के पारंपरिक संबंधों में नई ऊर्जा
भारत और रूस के बीच दशकों पुराने और मजबूत संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच होने वाला वार्षिक शिखर सम्मेलन इसी रिश्ते का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब तक 22 शिखर सम्मेलन हो चुके हैं, और इस परंपरा के तहत दोनों देशों के नेता बारी-बारी से एक-दूसरे के देश में मिलते हैं।
बीते वर्षों में शीर्ष स्तर पर लगातार संवाद भी जारी रहा है।
-
2022 में 5 बार फोन पर बातचीत
-
2023 में 2 बार बातचीत
-
जुलाई 2024 में पीएम मोदी का मॉस्को दौरा
इन संपर्कों ने दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती प्रदान की है।
हज 2026 की नई गाइडलाइन: सऊदी अरब में पति-पत्नी अब एक कमरे में नहीं रह सकेंगे, महिला–पुरुष आजमीनों को अलग ठहराया जाएगा
रक्षा, ऊर्जा और व्यापार—भारत-रूस साझेदारी की मजबूत नींव
भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा और व्यापार क्षेत्र में गहरा सहयोग है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार 68.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। यह व्यापारिक संबंधों के विस्तार और नई संभावनाओं के खुलने का संकेत है।
दौरे से क्या उम्मीदें?
पुतिन के इस दौरे में कुछ बड़े क्षेत्रों पर फोकस रहने की संभावना है—
-
रक्षा सहयोग की नई दिशा
-
ऊर्जा और परमाणु तकनीक में साझेदारी
-
व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखने की रणनीति
-
संयुक्त परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर बातचीत
अभी तक आपने वित्त वर्ष 2024-25 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है तो लेट फीस के साथ 31 दिसंबर 2025 फाइल कर सकते हैं…
