मेडिकल कॉलेज के 2 MBBS स्टूडेंट गिरफ्तार: झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वसूले 1 लाख रुपए, मुन्नाभाई केस में भी जा चुके हैं जेल

छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे दो MBBS स्टूडेंट को गरियाबंद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने एक युवक को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उससे 1 लाख रुपए वसूल लिए। मामला गरियाबंद जिले के छुरा थाना क्षेत्र का है। शिकायत दर्ज होने के बाद दोनों आरोपियों पर कार्रवाई की गई।

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मुन्नाभाई स्टाइल PMT घोटाले में पहले ही जा चुके हैं जेल

पुलिस के अनुसार, दोनों स्टूडेंट वर्ष 2009 और 2010 के चर्चित PMT (PMT मैनिपुलेशन/मुन्नाभाई) केस में भी गिरफ्तार हो चुके हैं।

  • साल 2009 में महासमुंद PMT परीक्षा में इन्होंने वास्तविक अभ्यर्थी की जगह फर्जी अभ्यर्थी को बैठाकर परीक्षा दिलवाई थी।

  • साल 2010 में बिलासपुर PMT में भी दोनों ने इसी तरह फर्जी परीक्षार्थी को भेज कर वारदात को दोहराया।

दोनों मामलों में व्यापम को शिकायत मिलने के बाद इनके खिलाफ अपराध दर्ज हुआ था और आरोपी जेल भी जा चुके थे।

15 साल से लगातार कर रहे ठगी, करोड़ों का गेम

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी—
चंद्रशेखर सेन (गरियाबंद) और
निखिल राज सिंह (उत्तरप्रदेश)
2007 में PMT परीक्षा पास करके मेडिकल कॉलेज में दाखिल हुए थे। पढ़ाई के दौरान ही दोनों पहली बार मिले।

ज्यादा पैसे की लालसा और शानो-शौकत की जिंदगी जीने की चाह के कारण दोनों 15 साल से लगातार ठगी और फर्जी परीक्षा रैकेट जैसे मामलों में शामिल रहे। कई बार फेल होने के बावजूद दोनों अभी भी MBBS की पढ़ाई जारी रखने का दावा करते हैं।

पूर्व छात्रों को फर्जी तरीके से PMT पास कराने का रैकेट

जांच में यह भी सामने आया कि मेडिकल कॉलेज में रहते हुए दोनों ने फर्जी अभ्यर्थियों को PMT परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों से बुलाने का नेटवर्क खड़ा किया।
वे असली उम्मीदवारों की जगह दूसरे लोगों को परीक्षा में बैठाकर अवैध तरीके से लाखों रुपए वसूलते थे।

अब नई ठगी में गिरफ्तारी

ताज़ा मामले में दोनों ने गरियाबंद के एक युवक को झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी और डराकर उससे 1 लाख रुपए ले लिए। पीड़ित ने हिम्मत करके छुरा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को पकड़कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपियों का लंबा क्राइम रिकॉर्ड है और उनकी पुरानी गतिविधियों की भी जांच फिर से की जा रही है।