मध्यप्रदेश के महू में शुक्रवार को एक अनोखा और यादगार विवाह देखने को मिला, जब थाईलैंड की युवती नारूएपक (नैन) और महू के युवक जयंत सोनी ने हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सात फेरे लिए। थाईलैंड से हजारों किलोमीटर की दूरी तयकर भारत आई नैन ने इंडियन ट्रेडिशन को दिल से अपनाया और इंडियन बैंड-बाजे की धुनों पर झूम उठीं। बारात में शामिल लोगों ने भी विदेशी दुल्हन का भरपूर स्वागत किया।
थाईलैंड में शुरू हुई दोस्ती, 10 साल बाद बना जीवनसाथी का बंधन
जयंत सोनी कई सालों से थाईलैंड में कारोबार कर रहे हैं। वहीं एक कंपनी में काम करते हुए उनकी मुलाकात नैन से हुई। दोनों की दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। बाद में जयंत ने अपना खुद का बिजनेस शुरू किया और नैन भी उनकी कंपनी से जुड़ गईं। इस दौरान जयंत उन्हें अपनी बहन की शादी में भारत लेकर आए, जहां नैन ने परिवार का दिल जीत लिया।
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करीब 10 वर्षों की मजबूत दोस्ती, भरोसे और रिश्ते की परिपक्वता के बाद दोनों ने विवाह करने का निर्णय लिया। दोनों परिवारों की सहमति से कुंडली मिलाई गई और शुक्रवार को महू में धूमधाम से विवाह सम्पन्न हुआ। इस खास मौके पर नैन का परिवार भी थाईलैंड से भारत पहुंचा।
संस्कृतियों का संगम बना आकर्षण का केंद्र
शादी में थाईलैंड और भारत की संस्कृति का सुंदर मिश्रण दिखाई दिया। पारंपरिक हिंदू रस्मों के बीच विदेशी मेहमानों ने भारतीय रीति-रिवाजों को नजदीक से देखा और आनंद उठाया। नैन भी भारतीय वेडिंग आउटफिट में बेहद खूबसूरत नजर आईं और शादी के हर रस्म में पूरी उत्सुकता से शामिल हुईं।
यह अनोखा विवाह समारोह न सिर्फ दोनों परिवारों के लिए बल्कि महू की जनता के लिए भी चर्चा का विषय रहा, जहां प्यार, विश्वास और संस्कृति का मिलन एक खूबसूरत कहानी बनकर सामने आया।
