इंडिगो एयरलाइन संकट मामले में केंद्र सरकार ने चार दिन बाद शनिवार को सख्ती दिखाई। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (MoCA) ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि वह रविवार रात 8 बजे तक कैंसिल टिकट का पैसा पैसेंजर को वापस करें। पैसेंजर के लगेज भी 48 घंटे में लौटाए।
इसके अलावा, सरकार ने दूसरी एयरलाइन से कहा कि वह तय हवाई किराए से ज्यादा ना लें। सरकार ने हवाई किराया फिक्स कर दिया है। अब 500 किमी तक हवाई सफर में 7500 रुपए किराया लगेगा। वहीं 500–1000 किमी तक अधिकतम ₹12,000, 1000–1500 किमी तक अधिकतम ₹15,000 और 1500 किमी से ऊपर अधिकतम ₹18,000 लगेंगे। हालांकि इसमें बिजनेस क्लास शामिल नहीं है।
उधर, इंडिगो के ऑपरेशन में लगातार 5वें दिन शनिवार को सुधार नहीं दिख रहा है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक देश के 4 बड़े एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु समेत कई शहरों से इंडिगो की 400 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल की जा चुकी हैं। पिछले 4 दिन में 2,000 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल हो चुकी हैं। रोजाना एवरेज 500 फ्लाइट लेट हो रही हैं।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयलाइंस, खासकर इंडिगो को 10 फरवरी 2026 तक अस्थायी राहत दी है। वीकली रेस्ट के बदले कोई भी छुट्टी नहीं देने के फैसले को वापस ले लिया।
DGCA ने 1 नवंबर से पायलटों और बाकी क्रू मेंबर्स के काम से जुड़े नियमों में बदलाव किए थे। इसे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नाम दिया गया है। इन्हें दो चरणों में लागू किया गया। पहला चरण 1 जुलाई को लागू हुआ।
वहीं, 1 नवंबर से दूसरा चरण लागू हुआ। नए नियमों में यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पायलटों और क्रू को पर्याप्त आराम देने पर जोर दिया गया है। इस कारण इंडिगो के पास पायलट-क्रू मेंबर्स की कमी हो गई है।
