देश-विदेश के बिजनेस जगत में दिसंबर 2025 कई बड़े बदलावों और आर्थिक उतार-चढ़ाव का महीना साबित हो रहा है। शेयर बाजार, एयरलाइन इंडस्ट्री, वैश्विक निवेश और सरकारी नीतियों में अहम गतिविधियाँ देखने को मिलीं। आइए जानते हैं इस महीने की 10 बड़ी बिजनेस खबरें, जो सीधे तौर पर आम लोगों और निवेशकों को प्रभावित कर रही हैं।
IndiGo एयरलाइन संकट गहराया, यात्रियों को परेशानी
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo लगातार उड़ानें रद्द कर रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी मैनेजमेंट पर दबाव साफ दिख रहा है।
भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेज हलचल: नई लॉन्चिंग, कीमतों में बदलाव और इलेक्ट्रिक वाहनों की बाढ़
RBI ने रेपो रेट घटाई, EMI सस्ती होने की उम्मीद
भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर 25 बेसिस पॉइंट घटाकर 5.25% कर दी है। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की EMI में राहत मिल सकती है। बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने की भी उम्मीद है।
FII निवेशकों ने निकाले ₹11,820 करोड़, बाजार में गिरावट का दबाव
दिसंबर के पहले हफ्ते में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से बड़ी रकम निकाली। इससे मार्केट में हल्का दबाव दिखा, हालांकि घरेलू निवेशक अब भी बाजार को संभाले हुए हैं।
भारत-रूस के नए व्यापार समझौते, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र को मजबूती
भारत और रूस के बीच नए व्यापारिक करार हुए हैं। इससे ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा तकनीक और सामरिक सहयोग को नई मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञ इसे भारत के लिए बड़ा आर्थिक फायदा बता रहे हैं।
दिसंबर में मोबाइल बाजार में हलचल: सस्ता 5G फोन लॉन्च, नए फ्लैगशिप के टीज़र और भारी डिस्काउंट शुरू
Green Economy में बूम, 2030 तक $7 ट्रिलियन बाजार का अनुमान
ग्रीन एनर्जी, सोलर सेक्टर, EV और पर्यावरण आधारित उद्योगों में तेजी देखने को मिल रही है। WEF की रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में भारत इस सेक्टर में वैश्विक लीडर बन सकता है।
IPO मार्केट में हलचल, कई कंपनियाँ निवेश जुटाने को तैयार
दिसंबर 2025 में भी IPO बाजार एक्टिव बना हुआ है। टेक और AI सेक्टर की कई कंपनियाँ अगले महीने अपना IPO लॉन्च कर सकती हैं। निवेशकों के लिए यह बड़ा अवसर बन सकता है।
सोने-चांदी की कीमतें बढ़ीं, रुपये में कमजोरी का असर
डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से कीमती धातुओं की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। निवेशक इसे सुरक्षित विकल्प के रूप में तेजी से चुन रहे हैं।
छोटे उद्योगों को सरकार का बड़ा समर्थन, नई नीतियाँ तैयार
SME सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए सरकार नई योजनाएँ लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। इससे रोजगार और स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।
अमेरिकी फेड रेट पर अनिश्चितता, वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव
अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बनी है, जिसका असर भारतीय निवेशकों पर भी पड़ रहा है।
भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था, 2026 में भी मजबूत ग्रोथ
RBI और वैश्विक एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार भारत अगले वर्ष भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। घरेलू मांग और मजबूत नीतियाँ इसका मुख्य कारण हैं।
