थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर जारी संघर्ष गुरुवार को चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। हालात तेजी से बिगड़ते हुए युद्ध जैसे बन गए हैं, जिसके कारण सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। दोनों देशों की ओर से भारी हथियारों का इस्तेमाल होने के बाद तनाव अपने चरम पर है।
थाई F-16 विमानों ने कंबोडियाई गांवों पर की बमबारी
थाई वायुसेना के F-16 फाइटर जेट्स ने बुधवार को कंबोडिया के कई गांवों सहित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल ‘प्रेह विहार मंदिर’ के आसपास के क्षेत्रों पर हवाई हमले किए। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक प्राथमिक विद्यालय भी निशाने पर आया।
तनाव बढ़ने के बाद थाई सेना ने चार जिलों में कर्फ्यू लागू कर दिया है।
कंबोडिया की जवाबी कार्रवाई: थाई अस्पताल पर रॉकेट हमला
कंबोडिया ने हमलों का जवाब देते हुए थाईलैंड के सूरिन प्रांत में स्थित फनोम डोंग रक अस्पताल पर रॉकेट दागे।
स्थानीय समयानुसार सुबह 8:40 बजे अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों पर छह रॉकेट दागे गए, जिसके चलते मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को तुरंत सुरक्षित जगह ले जाया गया।
बुधवार सुबह दोनों पक्षों के बीच 12 अलग-अलग स्थानों पर झड़पें दर्ज की गईं।
दोनों सेनाओं में भारी नुकसान, नागरिक भी प्रभावित
बैंकॉक पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार—
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कंबोडियाई बलों ने 5,000 रॉकेट दागे
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कई सीमावर्ती क्षेत्रों में आत्मघाती ड्रोन हमले किए गए
इन हमलों में—
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4 थाई सैनिक मारे गए, 68 घायल
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61 कंबोडियाई सैनिक और 9 आम नागरिकों की मौत
सीमा के दोनों तरफ रहने वाली आबादी पर इसका गहरा प्रभाव पड़ा है और हजारों लोग राहत शिविरों में आश्रय लेने को मजबूर हैं।
तनाव कम करने की अपील, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर
तेजी से बिगड़ते हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई वैश्विक संगठन दोनों देशों से संयम बरतने की अपील कर रहे हैं, ताकि संघर्ष और न बढ़े और मानवीय संकट गहरा न हो।
