रायपुर | 13 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को बड़ी सफलता मिली है। मामले में आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) राकेश कुमार जैन को शुक्रवार को रायपुर कोर्ट परिसर से गिरफ्तार कर लिया गया। जैन पिछले पांच वर्षों से फरार था और उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया था।
जानकारी के अनुसार, जैसे ही राकेश कुमार जैन रायपुर कोर्ट पहुंचा, पहले से तैनात EOW की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे स्पेशल कोर्ट में न्यायाधीश नीरज शर्मा के समक्ष पेश किया गया, जहां कोर्ट ने आरोपी को 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजते हुए 19 दिसंबर 2025 तक EOW को पूछताछ की अनुमति दी है।
फर्जी कंपनियों और हवाला के जरिए कोल वसूली
EOW की जांच में सामने आया है कि राकेश कुमार जैन ने फर्जी कंपनियों का जाल बिछाकर करोड़ों रुपये की अवैध कोल वसूली को वैध दिखाने का काम किया। वह इस रकम को हवाला नेटवर्क के जरिए कोल घोटाले के मुख्य आरोपियों तक पहुंचाता था और इसके बदले मोटा कमीशन लेता था।
जांच एजेंसी के अनुसार, लगभग 50 करोड़ रुपये को फर्जी खर्च और एंट्री के जरिए कैश में बदला गया, जिसे कोल वसूली के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाया गया।
शराब घोटाले में भी भूमिका
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि राकेश कुमार जैन ने शराब घोटाला मामले के आरोपी अनवर ढेबर के लिए भी घोटाले की रकम को वाइट मनी में बदलने का काम किया। इसके लिए उसने फर्जी दस्तावेज, फर्जी कंपनियां और एंट्री ऑपरेशन का सहारा लिया।
शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ठगी
पेशे से CA राकेश कुमार जैन पर यह भी आरोप है कि वह लोगों को शेयर मार्केट में अधिक मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था। अब तक की जांच में सामने आया है कि उसने निवेशकों से 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है।
EOW और अन्य थानों में उसके खिलाफ 16 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आगे की जांच जारी
EOW का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से कोल और शराब घोटाले से जुड़े हवाला नेटवर्क, फर्जी कंपनियों और अन्य सहयोगियों के बारे में अहम जानकारी जुटाई जाएगी। इस गिरफ्तारी के बाद घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
