रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सदन का माहौल गरम रहने के आसार हैं। प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान मनरेगा, पंचायत, स्कूल शिक्षा, उद्योग और पर्यावरण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस विधायक मनरेगा भुगतान में हो रही देरी, जॉब कार्डधारियों को पर्याप्त काम नहीं मिलने और पंचायत स्तर पर कथित भ्रष्टाचार के मामलों को प्रमुखता से उठाएंगे। विपक्ष का आरोप रहेगा कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक नहीं पहुंच रहा है।
वहीं भाजपा विधायक इन आरोपों का जवाब देते हुए पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुई अनियमितताओं को सदन के सामने रखेंगे और वर्तमान सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति और पारदर्शिता पर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
इसके साथ ही पंचायतों को दिए गए वित्तीय अधिकार, विकास कार्यों की गति, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और जवाबदेही जैसे विषयों पर भी सदन में विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, शीतकालीन सत्र के चौथे दिन सदन में राजनीतिक गर्माहट देखने को मिलेगी और विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों पर सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच जोरदार टकराव होने के संकेत हैं।
