रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के शिकार की लगातार हो रही घटनाओं पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र में करंट लगाकर बाघ के शिकार के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पीसीसीएफ (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) से व्यक्तिगत शपथपत्र के साथ जवाब मांगा है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन और वन विभाग से सवाल किया है कि प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए वर्तमान में क्या इंतजाम किए गए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कार्ययोजना बनाई गई है।
करंट से मौत, नाखून-दांत गायब
दरअसल, गुरु घासीदास–तैमोर–पिंगला टाइगर रिजर्व के घुई वन परिक्षेत्र में सोमवार को एक बाघ मृत अवस्था में मिला था। मंगलवार को वन विभाग की निगरानी में बाघ के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बाघ की मौत करंट लगने से होना सामने आया है।
जांच में यह भी पाया गया कि बाघ के नाखून और दांत गायब थे, जबकि जबड़े और पीठ पर जलने के स्पष्ट निशान मिले हैं। इस मामले में वन विभाग ने आरोपियों की तलाश किए जाने का दावा किया है।
मीडिया रिपोर्ट को माना गया जनहित याचिका
हाईकोर्ट ने इस गंभीर मामले में मीडिया रिपोर्ट को जनहित याचिका मानते हुए सुनवाई शुरू की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पहले से चल रही है जनहित याचिका पर सुनवाई
प्रदेश में वन्यजीवों के शिकार की घटनाओं को लेकर पहले से ही एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। पिछली सुनवाई 10 दिसंबर को हुई थी, जिसमें राज्य सरकार ने दावा किया था कि शिकार का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। इसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई मार्च 2026 में तय की थी।
खैरागढ़-डोंगरगढ़ में तेंदुए का शिकार भी चिंता का विषय
इससे पहले खैरागढ़ और डोंगरगढ़ के बीच बनबोद जंगल क्षेत्र में एक वयस्क तेंदुए को बेरहमी से मारने का मामला सामने आया था। इस घटना में भी शिकारी तेंदुए के पंजे, नाखून और जबड़े के दांत निकाल कर फरार हो गए थे। इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य शासन को 19 दिसंबर तक विस्तृत जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वन्यजीवों के संरक्षण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
