छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में जंगली सूअर के शिकार के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में आने से दो युवकों की दर्दनाक मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद शिकारियों ने पकड़े जाने के डर से दोनों शवों को बोरे में भरकर कागजपुड़ा डैम में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले का शुक्रवार को खुलासा किया है।
🔎 6 दिन से लापता थे दोनों युवक
मृतकों की पहचान दिलीप राम खड़िया (23) और विलियम कुजूर (31) के रूप में हुई है। दोनों सेरमाटोली गांव के निवासी और आपस में दोस्त थे। दोनों मजदूरी का काम करते थे और 12 दिसंबर को ग्राम डांगबंधी के जंगल में चिड़िया मारने गए थे। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
📝 थाने में दर्ज हुई गुमशुदगी
परिजनों ने 14 दिसंबर को तुमला थाना में दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ व तलाशी अभियान चलाया।
🚨 आरोपी गिरफ्तार, शव बरामद
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम डांगबंधी निवासी आयटू लोहार (30) कागजपुड़ा डैम के पास संदिग्ध हालत में घूम रहा है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
⚡ करंट बिछाकर कर रहे थे जंगली सूअर का शिकार
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चार अन्य साथियों के साथ मिलकर अरहर के खेत में जंगली सूअर के शिकार के लिए करंट प्रवाहित तार बिछाए हुए था। रात के समय जब वे लोग खेत के पास पहुंचे तो देखा कि करंट की चपेट में आने से पड़ोसी गांव सेरमाटोली के दो युवकों की मौत हो चुकी थी।
🧳 शव बोरे में भरकर डैम में फेंके
घटना उजागर होने के डर से आरोपियों ने दोनों शवों को बोरे में भरकर कागजपुड़ा डैम में फेंक दिया। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने दोनों शव बरामद कर लिए हैं।
👮 4 अन्य आरोपी फरार
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में चार अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है। मामले में वन्यजीव संरक्षण कानून सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पूरा मामला तुमला थाना क्षेत्र का है।
