रायपुर | 21 दिसंबर 2025
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। PMLA कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, ईडी ने पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास को भी गिरफ्तार किया है।
⚖️ कोर्ट में पेशी, कस्टोडियल रिमांड की तैयारी
ईडी ने शुक्रवार को निरंजन दास को प्रोडक्शन रिमांड पर कोर्ट में पेश किया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस उन्हें जेल से कोर्ट लेकर पहुंची। ईडी अब निरंजन दास की कस्टोडियल रिमांड की मांग करेगी। एजेंसी का कहना है कि सौम्या चौरसिया से पूछताछ के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिसके आधार पर गहन पूछताछ जरूरी है।
🧾 इन बयानों के आधार पर हुई गिरफ्तारी
ईडी के अनुसार, पप्पू बंसल उर्फ लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, तांत्रिक केके श्रीवास्तव और कारोबारी अनवर ढेबर के होटल मैनेजर दीपेन चावड़ा के बयानों के आधार पर सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान ईडी को सौम्या चौरसिया, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर–चैतन्य बघेल के बीच हुई चैट्स से कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।
💰 2500 करोड़ से ज्यादा की अवैध कमाई का दावा
ईडी के मुताबिक, ACB/EOW द्वारा IPC और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में दर्ज FIR के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2500 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई (POC) की गई।
📊 सौम्या चौरसिया को मिले 115.5 करोड़ रुपए
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि सौम्या चौरसिया को करीब 115.5 करोड़ रुपए की अवैध आय (POC) प्राप्त हुई थी। डिजिटल रिकॉर्ड, जब्त दस्तावेज और लिखित बयानों के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि सौम्या चौरसिया शराब सिंडिकेट की सक्रिय सदस्य थीं।
🔍 सिंडिकेट में केंद्रीय भूमिका का आरोप
एजेंसी के मुताबिक डिजिटल सबूत इस बात की पुष्टि करते हैं कि अनिल टुटेजा और चैतन्य बघेल सहित सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों के बीच सौम्या चौरसिया केंद्रीय समन्वयकर्ता और मध्यस्थ की भूमिका निभा रही थीं। इससे अवैध धन के उत्पादन और मनी लॉन्ड्रिंग को बढ़ावा मिला।
🏢 अफसरों की पोस्टिंग में भूमिका का दावा
जांच में यह भी सामने आया है कि सौम्या चौरसिया की भूमिका अरुण पति त्रिपाठी और निरंजन दास को आबकारी विभाग में अहम पदों पर नियुक्त कराने में रही। इससे पहले इस मामले में अनिल टुटेजा (पूर्व IAS), अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लो, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, कवासी लखमा और चैतन्य बघेल को ईडी गिरफ्तार कर चुकी है।
🔎 आगे की जांच जारी
ईडी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।
