सारंगढ़–बिलाईगढ़ में नकली दवाओं का बड़ा रैकेट उजागर, 50 लाख से ज्यादा की दवाइयां जब्त

सारंगढ़–बिलाईगढ़ | जिले में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की दोबारा की गई सख्त कार्रवाई में सरस्वती मेडिकल स्टोर के संचालक खेमराज बानी के घर से करीब 50 लाख रुपए से अधिक की नकली एलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाइयां जब्त की गई हैं। बरामद दवाइयों की मात्रा करीब 200 कार्टून बताई जा रही है, जिन्हें ट्रक में भरकर जब्त किया गया।

जानकारी के मुताबिक, कारोबारी ने इन नकली दवाइयों को अपने घर के तीन अलग-अलग कमरों में छिपाकर रखा था। इस पूरे रैकेट का सुराग संचालक के बेटे के मोबाइल में मिले फोटो से लगा, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।

दरअसल, 16 दिसंबर को रायपुर और रायगढ़ से आए FDA के चार अधिकारियों ने सारंगढ़–बिलाईगढ़ में छापेमारी की थी। उस समय सरस्वती मेडिकल स्टोर और संचालक के घर से केवल 2 लाख 24 हजार रुपए की नकली दवाओं की जब्ती दिखाई गई थी। जबकि सूत्रों के अनुसार, उसी वक्त घर में लाखों रुपए की नकली दवाइयां मौजूद थीं, जिन्हें छोड़ दिया गया।

इस कार्रवाई में खानापूर्ति की भनक जब खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक को लगी, तो उन्होंने रायपुर से तीन वरिष्ठ अधिकारियों की नई टीम गठित कर तत्काल जांच के आदेश दिए। नई टीम तड़के सुबह 6 बजे सारंगढ़–बिलाईगढ़ पहुंची और दोबारा छापेमारी की।

दूसरी कार्रवाई के दौरान कारोबारी के घर के तीन कमरों से 50 लाख से अधिक की नकली दवाइयां बरामद की गईं। जांच में सामने आया कि इन दवाइयों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस मौजूद नहीं था।

FDA अधिकारियों के अनुसार, जब्त दवाइयों की जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी है, वहीं पहले की गई कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

नकली दवाओं के इस बड़े खुलासे से जिले में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।