राजधानी एक्सप्रेस हादसा: मध्य असम में हाथियों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 8, झारखंड में 8 ट्रेनें रद्द

मध्य असम में राजधानी एक्सप्रेस की टक्कर से हाथियों की मौत का मामला और गंभीर हो गया है। रविवार को एक हाथी के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो जाने से इस दर्दनाक हादसे में मरने वाले हाथियों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। वहीं, झारखंड में रेलवे अधिकारियों ने पटरियों के पास जंगली हाथियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए 22 से 24 दिसंबर तक आठ ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है।

🔹 इलाज के दौरान दम तोड़ा हाथी के बच्चे ने
कामपुर रेंज के वन अधिकारी शमीम अख्तर ने बताया कि काजीरंगा स्थित वन्यजीव पुनर्वास एवं संरक्षण केंद्र में इलाज के दौरान 15 दिन से कम उम्र के नर हाथी के बच्चे की मौत हो गई।
उन्होंने कहा,

“हाथी के बच्चे के पैर में फ्रैक्चर था, रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट और कई आंतरिक चोटें थीं। उसकी हालत बेहद नाजुक थी।”

🔹 कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस शनिवार देर रात करीब 2 बजे मिजोरम के सैरांग से आते समय असम के होजाई जिले के संगजुराई गांव के पास हाथियों के एक झुंड से टकरा गई।
इस भीषण टक्कर में चार शावकों सहित सात हाथियों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक शावक को गंभीर हालत में इलाज के लिए भेजा गया था।

🔹 इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम नहीं था मौजूद
हादसे वाली जगह पर इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम (हाथियों की मौजूदगी की जानकारी देने वाला सिस्टम) नहीं लगा था। ग्रामीणों का कहना है कि घना कोहरा भी हादसे की एक बड़ी वजह हो सकता है, जिससे लोको पायलट को समय रहते हाथियों की मौजूदगी का अंदाजा नहीं लग पाया।

🔹 झारखंड में एहतियातन ट्रेनें रद्द
इधर, झारखंड में रेलवे प्रशासन ने हाथियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। रेल अधिकारियों ने बताया कि 22 से 24 दिसंबर के बीच हाथी कॉरिडोर से गुजरने वाली 8 ट्रेनों को रद्द किया गया है, ताकि किसी भी तरह की जनहानि और वन्यजीव क्षति को रोका जा सके।

असम में राजधानी एक्सप्रेस से हुए इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर वन्यजीव सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाथी कॉरिडोर वाले इलाकों में इंट्रूज़न डिटेक्शन सिस्टम, स्पीड कंट्रोल और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसे उपायों को जल्द लागू करना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।