छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। HPCL में मैनेजर के पद पर पदस्थ एक अधिकारी से ठगों ने 33 लाख 49 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। ठगों ने टेलीग्राम के जरिए फर्जी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसाया।
मामला मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सड्डू के राजधानी विहार निवासी वेद प्रकाश बघेल (46) वर्तमान में HPCL मंदिर हसौद में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। कुछ समय पहले उनसे टेलीग्राम आईडी के माध्यम से अज्ञात लोगों ने संपर्क किया।
आरोपितों ने खुद को इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म से जुड़ा बताते हुए शेयर और ऑनलाइन ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का दावा किया। भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में थोड़ी रकम निवेश कराने के बाद उन्हें मुनाफा दिखाया गया और कुछ पैसे वापस भी किए गए।
इसके बाद ठगों ने बड़े मुनाफे का लालच देकर अलग-अलग खातों में लगातार रकम ट्रांसफर करवाई। एक महीने के भीतर मैनेजर ने 33 लाख 49 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने पूरी राशि और मुनाफा वापस मांगा तो ठगों ने पैसे लौटाने से साफ इंकार कर दिया और संपर्क भी बंद कर दिया।
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने मंदिर हसौद थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर ठगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले इन्वेस्टमेंट ऑफर्स से सावधान रहें और बिना सत्यापन किसी भी तरह की रकम ट्रांसफर न करें।
