बिलासपुर। सोशल मीडिया के जरिए खुद को तहसीलदार बताकर युवती से दोस्ती करना और बाद में उसकी तस्वीर व मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर वायरल करने वाले आरोपी को सरकंडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
सरकंडा थाना पुलिस के अनुसार, 26 दिसंबर को पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2022 में उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से आशुतोष उपाध्याय, पिता नरेंद्र उपाध्याय (35 वर्ष), निवासी ग्राम मुलमुला, जिला जांजगीर-चांपा से हुई थी। आरोपी ने खुद को तहसीलदार बताकर युवती से दोस्ती की और लंबे समय तक मोबाइल पर बातचीत करता रहा।
कुछ समय बाद जब युवती ने बातचीत बंद कर दी, तो आरोपी ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर उसे परेशान करना शुरू कर दिया और अभद्र बातें करने लगा। इतना ही नहीं, आरोपी ने युवती की तस्वीर और मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करते हुए फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे पीड़िता को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकंडा पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ग्राम मुलमुला पहुंची, जहां से आरोपी आशुतोष उपाध्याय को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से की जाने वाली ठगी और साइबर अपराधों पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
