सुनील शेट्टी का बड़ा खुलासा: “मेरे लिए बॉक्स ऑफिस नहीं, लोगों से जुड़ाव है असली सफलता”

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी उन कलाकारों में से हैं, जो सफलता को सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों से नहीं आंकते। हाल ही में पीपिंग मून को दिए एक बेबाक इंटरव्यू में उन्होंने अपने करियर, निजी नुकसान, मानसिक संघर्ष और बदलती इंडस्ट्री पर खुलकर बात की।

सुनील शेट्टी ने साफ कहा कि आज के दौर में वह खुद को बॉक्स ऑफिस के लिहाज से प्रासंगिक नहीं मानते। अभिनेता के शब्दों में,

“सिनेमा या बॉक्स ऑफिस के मामले में मेरी कोई रिलेवेंस नहीं है।”

हालांकि, उनके लिए असली सफलता इस बात में है कि लोग उन्हें पीढ़ियों तक याद रखें और उनसे जुड़ाव महसूस करें।

2017 बना जिंदगी का सबसे मुश्किल साल

इंटरव्यू के दौरान सुनील शेट्टी ने बताया कि साल 2017 उनके जीवन का सबसे कठिन दौर रहा। इसी साल उनके पिता वीरप्पा शेट्टी का निधन हुआ। अभिनेता ने बताया कि 2014 से ही उनके पिता बीमार थे और वे खुद उनकी देखभाल कर रहे थे।
उन्होंने कहा,

“मेरी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। मैंने पूरी तरह से काम छोड़ दिया था।”

सुनील शेट्टी ने यह भी खुलासा किया कि जिस सुबह उनके पिता का निधन हुआ, उसी सुबह उन्हें काम का एक प्रस्ताव मिला था। यह संयोग उनके लिए बेहद भावनात्मक रहा।

काम ने दी वापसी की ताकत

अभिनेता ने बताया कि पिता के निधन वाले दिन उन्हें एक हेल्थ प्रोग्राम करने का ऑफर मिला।

“मैंने इसे एक पॉजिटिव संकेत के तौर पर लिया। खालीपन के उस दौर में इसी ने मुझे दोबारा काम की ओर लौटने की हिम्मत दी।”

करीब छह से सात साल तक फिल्मों से दूरी बनाए रखने के बाद वापसी करना उनके लिए आसान नहीं था। सुनील शेट्टी ने स्वीकार किया कि इस दौरान इंडस्ट्री काफी बदल चुकी थी और उनका आत्मविश्वास भी डगमगा गया था।

“ऐसा लगा जैसे मैं खुद को नहीं जानता”

सुनील शेट्टी ने कहा,

“जब आप छह-सात साल का गैप लेते हैं, तो लगता है कि आप अपने काम को नहीं जानते। इंडस्ट्री बदल गई है, लोग बदल गए हैं, और आपको लगता है कि कोई आपको नहीं जानता।”

उन्होंने माना कि उस समय वे सेट पर सहज महसूस नहीं कर पा रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने खुद को संभाला।

फिटनेस और ईमानदारी को मानते हैं सबसे बड़ा सहारा

अभिनेता का मानना है कि फिटनेस, अनुशासन, ईमानदारी और प्रामाणिकता ही वे मूल्य हैं, जिन्होंने उन्हें आज भी लोगों की नजरों में बनाए रखा है। उनके लिए यही चीजें स्टारडम से कहीं ज्यादा मायने रखती हैं।