महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने आंदोलन का रास्ता चुना है। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने ऐलान किया है कि वे इस फैसले के विरोध में सोमवार से मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से पदयात्रा शुरू करेंगे।
दिग्विजय सिंह ने बताया कि यह पदयात्रा सीहोर जिले की किसी ग्राम पंचायत से प्रारंभ होगी। यात्रा के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में आम लोगों को केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।
दरअसल, केंद्र सरकार मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VB-G-RAM-G) करने जा रही है। इससे संबंधित बिल लोकसभा में पारित हो चुका है। सरकार के इस कदम को कांग्रेस महात्मा गांधी के नाम और मनरेगा की मूल भावना से जोड़कर देख रही है और इसका खुलकर विरोध कर रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के रोजगार का संवैधानिक अधिकार है और इसका नाम बदलना महात्मा गांधी की विरासत को कमजोर करने का प्रयास है।
मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी विरोध
मनरेगा का नाम बदलने के फैसले के विरोध में मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।
कांग्रेस ने साफ किया है कि जब तक सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं करती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
