झांसी। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए झांसी में तैनात सेंट्रल GST विभाग की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि टैक्स चोरी के एक मामले को निपटाने के बदले 1.5 करोड़ रुपये की डील तय की गई थी, जिसमें से 70 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई और ली गई।
CBI की इस कार्रवाई में प्रभा भंडारी के साथ-साथ दो CGST सुपरिटेंडेंट अनिल कुमार तिवारी और अजय कुमार शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, इस कथित घूसखोरी मामले में दो निजी लोगों—हार्डवेयर कारोबारी राजू मंगानी और वकील नरेश कुमार गुप्ता को भी हिरासत में लिया गया है।
जाल बिछाकर पकड़ा, 70 लाख रुपये बरामद
CBI अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया गया था। रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 70 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टैक्स चोरी के केस को रफा-दफा करने के लिए यह रकम तय की गई थी।
छह महीने पहले हुई थी झांसी में पोस्टिंग
गिरफ्तार अधिकारी प्रभा भंडारी 2016 बैच की IRS अधिकारी हैं और करीब छह महीने पहले ही झांसी में सेंट्रल GST विभाग में डिप्टी कमिश्नर के पद पर तैनात हुई थीं। रोज़मर्रा के ज़्यादातर फील्ड से जुड़े काम उनके अधीनस्थ दो सुपरिटेंडेंट संभालते थे, लेकिन जांच एजेंसियों का मानना है कि पूरी रिश्वतखोरी की योजना बनाने में उनकी अहम भूमिका थी।
फ्लैट खरीद को लेकर भी जांच
सूत्रों के मुताबिक, प्रभा भंडारी ने कुछ महीने पहले करीब 68 लाख रुपये का एक फ्लैट भी खरीदा था। जांच एजेंसियां अब उनकी संपत्ति और आय के स्रोतों की भी पड़ताल कर रही हैं।
CBI की जांच जारी
CBI ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि इस घूसखोरी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
