हेल्थ अलर्ट: ठंड के मौसम में दिल के मरीजों को क्यों बरतनी चाहिए ज्यादा सावधानी

नई दिल्ली। ठंड के मौसम में दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। देशभर के अस्पतालों में सर्दियों के दौरान हार्ट अटैक के मामलों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के कारण शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

क्यों बढ़ता है सर्दी में हार्ट अटैक का खतरा?

कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार, ठंड में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए रक्त संचार को सीमित कर देता है। इससे

  • ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है

  • हार्ट को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है

  • खून के थक्के (ब्लड क्लॉट) बनने का खतरा रहता है

ये सभी कारण हार्ट अटैक की आशंका को बढ़ा देते हैं।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत?

डॉक्टरों का कहना है कि निम्न लोग सर्दी में ज्यादा जोखिम में रहते हैं—

  • हाई ब्लड प्रेशर के मरीज

  • डायबिटीज से पीड़ित लोग

  • पहले हार्ट अटैक झेल चुके मरीज

  • बुजुर्ग और मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति

  • धूम्रपान करने वाले लोग

लक्षणों को न करें नजरअंदाज

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सर्दी में हार्ट अटैक के लक्षण कई बार हल्के लग सकते हैं, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना घातक हो सकता है।
मुख्य लक्षण—

  • सीने में दबाव या जलन

  • सांस लेने में तकलीफ

  • बाएं हाथ, गर्दन या जबड़े में दर्द

  • अत्यधिक पसीना और बेचैनी

  • चक्कर आना या उलटी जैसा महसूस होना

डॉक्टरों की सलाह: ऐसे रखें दिल को सुरक्षित

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्दियों में दिल को सुरक्षित रखने के लिए कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं—

  • ठंड में सुबह जल्दी टहलने से बचें

  • गर्म कपड़े पहनें और शरीर को ठंड से बचाएं

  • नियमित ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच कराएं

  • तली-भुनी और ज्यादा नमक वाली चीजें न खाएं

  • धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें

  • रोज़ाना हल्का व्यायाम और योग करें

समय पर इलाज है सबसे जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक के लक्षण दिखते ही देरी किए बिना अस्पताल पहुंचना जान बचा सकता है। समय पर इलाज मिलने से जान जाने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

निष्कर्ष

सर्दी का मौसम जितना सुहावना लगता है, उतना ही दिल के मरीजों के लिए खतरनाक भी हो सकता है। थोड़ी सी सावधानी और समय पर जांच से हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।