बेमेतरा। बेमेतरा कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कांग्रेस नेता और ठेकेदार ने आत्मदाह करने की कोशिश की। पीड़ित ने खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया और माचिस से आग लगाने लगा, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए माचिस छीन ली और बड़ा हादसा टाल दिया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है।
घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। आत्मदाह की कोशिश करने वाले व्यक्ति की पहचान आरिफ बाठिया के रूप में हुई है, जो पेशे से ठेकेदार हैं और राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। आरिफ बाठिया इससे पहले जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव रह चुके हैं, हालांकि वर्तमान में जिला कांग्रेस कमेटी भंग है।
14 लाख के भुगतान को लेकर लगाया गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता आरिफ बाठिया का आरोप है कि नवागढ़ में कृषि भवन का निर्माण कार्य पिछले दो वर्षों से पूरा हो चुका है। कार्य पूर्ण होने के बाद उन्होंने 14 लाख रुपए के फाइनल भुगतान के लिए बिल भी प्रस्तुत किया, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया।
आरिफ बाठिया का कहना है कि खाद्य मंत्री दयालदास का दबाव बताकर कृषि विस्तार अधिकारी राकेश चतुर्वेदी फाइनल भुगतान रोक रहे हैं। भुगतान न मिलने से मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान होकर वे कलेक्ट्रेट पहुंचे थे और आत्मदाह करने का कदम उठाया।
अधिकारी ने मंत्री दबाव के आरोप को किया खारिज
वहीं इस मामले में कृषि विस्तार अधिकारी राकेश चतुर्वेदी ने मंत्री दबाव के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में किसी भी मंत्री का कोई दबाव नहीं है और भुगतान रोकने के पीछे प्रशासनिक कारण हैं।
पुलिस ने टाला बड़ा हादसा
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आरिफ बाठिया को काबू में लिया। बाद में उन्हें कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। दिनदहाड़े पेट्रोल लेकर परिसर में पहुंच जाना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
