प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से गुरुवार को कोलकाता में कोयला तस्करी से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) और इसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर छापेमारी की गई। करीब 12 घंटे तक चली इस मैराथन कार्रवाई के दौरान कोलकाता में अभूतपूर्व हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला।
ईडी की इस कार्रवाई से तिलमिलाई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी गुरुवार सुबह खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं। इसके बाद वह साल्टलेक सेक्टर-5 स्थित I-PAC के कार्यालय गईं। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से एक फाइल और लैपटॉप लेकर बाहर निकलीं।
सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी साल्टलेक स्थित I-PAC कार्यालय में करीब चार घंटे तक मौजूद रहीं। इस दौरान परिसर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी।
ईडी की यह कार्रवाई कोयला तस्करी से जुड़े कथित धनशोधन मामले में की जा रही जांच का हिस्सा बताई जा रही है। एजेंसी ने I-PAC और उसके निदेशक प्रतीक जैन से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। हालांकि छापेमारी के बाद ईडी की ओर से आधिकारिक तौर पर जब्ती या गिरफ्तारी को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है।
राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया जा रहा है, जबकि विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक धनशोधन मामले की जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई से इनकार नहीं किया गया है।
