राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर के डायरेक्टर और रजिस्ट्रार को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई डॉ. आरिफ खान द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद उन्हें एनआईटी रायपुर में रजिस्ट्रार पद पर ज्वाइनिंग नहीं दी गई।
2021 में हुई थी नियुक्ति, 2023 में निलंबन
डॉ. आरिफ खान की नियुक्ति वर्ष 2021 में एनआईटी रायपुर में रजिस्ट्रार पद पर हुई थी। नियमानुसार यह नियुक्ति पांच वर्षों के लिए होती है, जिसे हर वर्ष परफॉर्मेंस रिव्यू के आधार पर आगे बढ़ाया जाता है। याचिका में कहा गया है कि डॉ. खान का कार्यकाल बेदाग रहा, इसके बावजूद बिना किसी ठोस कारण के उन्हें निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे
निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए डॉ. आरिफ खान ने वर्ष 2023 में अधिवक्ता हमीदा सिद्धीकी के माध्यम से हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इसी दौरान उन्हें कश्मीर यूनिवर्सिटी से फाइनेंस अफसर पद का ऑफर मिला, जिसे स्वीकार करते हुए उन्होंने वहां कार्यभार संभाल लिया।
2025 में हाई कोर्ट ने निलंबन रद किया
वर्ष 2025 में बिलासपुर हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद एनआईटी रायपुर द्वारा जारी निलंबन आदेश को अवैधानिक घोषित करते हुए रद कर दिया। कोर्ट ने डॉ. आरिफ खान को यह विकल्प दिया कि वे चाहें तो कश्मीर यूनिवर्सिटी में कार्य जारी रखें या एनआईटी रायपुर में रजिस्ट्रार पद पुनः ग्रहण करें।
कोर्ट आदेश के बाद भी नहीं मिली ज्वाइनिंग
हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद डॉ. खान ने यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर से इस्तीफा देकर एनआईटी रायपुर में पुनः कार्यग्रहण के लिए आवेदन किया। आरोप है कि डायरेक्टर डॉ. नारापराजू वेंकट रमन राव और तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. नरेंद्र दिगम्बर लोधे ने कोर्ट के आदेश की अनदेखी करते हुए उन्हें ज्वाइनिंग देने से इनकार कर दिया।
इसके बाद डॉ. आरिफ खान ने दोबारा अवमानना याचिका दायर की, जिस पर हाई कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है।
जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान
हाई कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि न्यायालय के आदेश की अवहेलना गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने की स्थिति में जुर्माना, सजा या दोनों का प्रावधान है। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अपना जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि कोर्ट आदेश की अवमानना हुई है या नहीं।
