नई दिल्ली। टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vodafone Idea Ltd) ने दिसंबर तिमाही (Q3) में अपने वित्तीय प्रदर्शन में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिए हैं। बेहतर ARPU और ऑपरेटिंग एफिशिएंसी के चलते कंपनी का शुद्ध घाटा पिछली तिमाही के मुकाबले कम हुआ है, हालांकि कंपनी के सामने वित्तीय चुनौतियां अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
कंपनी ने Q3 में ₹5,286 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो पिछली तिमाही के ₹5,524 करोड़ के नुकसान से कम है। तिमाही आधार पर Vodafone Idea का रेवेन्यू 1.1% की बढ़त के साथ ₹11,323 करोड़ पर पहुंच गया।
EBITDA और मार्जिन में सुधार
दिसंबर तिमाही में कंपनी का EBITDA 2.8% बढ़कर ₹4,817 करोड़ रहा। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन भी 41.8% से बढ़कर 42.5% हो गया, जो लागत नियंत्रण और बेहतर नेटवर्क उपयोग को दर्शाता है।
ARPU बढ़ा, 4G-5G यूजर्स में इजाफा
Vodafone Idea का ARPU दिसंबर तिमाही में बढ़कर ₹186 हो गया, जो एक साल पहले ₹173 था। यानी सालाना आधार पर इसमें 7.3% की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार, इसका प्रमुख कारण ग्राहकों का बेहतर और उच्च मूल्य वाले प्लान्स में अपग्रेड करना रहा।
कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 19.29 करोड़ रहा। वहीं 4G और 5G यूजर्स की संख्या बढ़कर 12.85 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 12.6 करोड़ थी।
कैपेक्स और कर्ज की स्थिति
दिसंबर तिमाही में Vodafone Idea का कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹2,252 करोड़ रहा। FY26 के पहले नौ महीनों में कुल कैपेक्स ₹6,448 करोड़ तक पहुंच गया।
31 दिसंबर 2025 तक कंपनी का बैंक कर्ज ₹1,126 करोड़ था। इस दौरान कंपनी ने नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के जरिए ₹3,300 करोड़ की फंडिंग जुटाई। वहीं कंपनी के पास कैश और बैंक बैलेंस ₹6,963 करोड़ रहा।
AGR से पहले जुटाई फंडिंग
Vodafone Idea ने बताया कि NCD के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया AGR मामले में स्पष्टता से पहले ही पूरी कर ली गई थी, जो लेंडर्स के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
इसके अलावा, Vodafone Group CLAM रिसीवेबल्स के ₹6,394 करोड़ के क्लोजर में सहयोग कर रहा है। AGR भुगतान अब इसकी पूर्व-शर्त नहीं है। इस राशि में से लगभग ₹2,300 करोड़ अगले 12 महीनों में प्राप्त होने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, दिसंबर तिमाही के नतीजे Vodafone Idea के लिए रिकवरी की ओर बढ़ते कदम दिखाते हैं, हालांकि प्रतिस्पर्धा और वित्तीय दबाव कंपनी के लिए आगे भी बड़ी चुनौती बने रहेंगे।
