बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने मोटर वाहन नियमों में अहम संशोधन करते हुए नया नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत अगर कोई ड्राइवर एक साल में 5 या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियम तोड़ता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस (DL) सस्पेंड किया जा सकता है।
3 महीने तक नहीं चला सकेंगे वाहन
नए नियम के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति 3 महीने तक वाहन नहीं चला सकेगा। लाइसेंस सस्पेंड करने का फैसला लाइसेंसिंग अथॉरिटी यानी RTO या DTO द्वारा लिया जाएगा। इसका मकसद सड़क पर अनुशासन बढ़ाना और हादसों पर लगाम लगाना है।
1 जनवरी से लागू हुआ नया नियम
केंद्र सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में साफ किया गया है कि यह संशोधित नियम 1 जनवरी से लागू हो चुका है। अब यदि कोई चालक मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) या उससे जुड़े नियमों का एक साल में 5 या उससे अधिक बार उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ DL सस्पेंड करने की कार्रवाई की जा सकती है।
हर साल नए सिरे से होगी गिनती
नोटिफिकेशन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पिछले साल किए गए ट्रैफिक उल्लंघन अगले साल की गिनती में शामिल नहीं होंगे। यानी हर कैलेंडर ईयर में नियम तोड़ने की गिनती नए सिरे से शुरू होगी।
पहले क्या था नियम?
पहले ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई 24 गंभीर अपराधों के मामलों में की जाती थी। इनमें गाड़ी चोरी, यात्रियों से मारपीट, अपहरण, तय स्पीड लिमिट से ज्यादा रफ्तार, ओवरलोडिंग और सार्वजनिक जगहों पर वाहन छोड़ना जैसे मामले शामिल थे।
अब छोटे उल्लंघन भी पड़ सकते हैं भारी
नए संशोधन के बाद अब हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, रेड लाइट जंप करना जैसे सामान्य लेकिन खतरनाक उल्लंघनों को भी गंभीरता से लिया जाएगा। अगर ये गलतियां साल में 5 बार या उससे ज्यादा होती हैं, तो DL सस्पेंड हो सकता है।
विशेषज्ञों की राय
दिल्ली के पूर्व उप परिवहन आयुक्त अनिल छिकारा ने इस फैसले को “सही दिशा में उठाया गया कदम” बताया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी चुनौती यह है कि खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों को ट्रैफिक पुलिस कई बार पकड़ नहीं पाती।
उनका मानना है कि CCTV कैमरों से पकड़े गए उल्लंघनों के लिए एक स्पष्ट SOP और निपटान दिशानिर्देश होना जरूरी है, ताकि मामलों को अदालतों में चुनौती न दी जा सके।
क्या होगा असर?
सरकार का मानना है कि इस नियम से सड़क सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और लोग ट्रैफिक नियमों को हल्के में नहीं लेंगे। वहीं आम वाहन चालकों के लिए अब सही तरीके से ड्राइविंग सीखना और नियमों का पालन करना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है।
