भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% किया…

नई दिल्ली 28 जनवरी 2026 : भारत सरकार ने यूरोप से आने वाली कारों पर लगने वाले इम्पोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% कर दिया है। ये फैसला भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का हिस्सा है।

इस एग्रीमेंट का ऐलान आज (27 जनवरी) को भारत-EU समिट में किया गया। 18 साल चली लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने इस समझौते को अंतिम रूप दिया है। इसे 2027 तक लागू किया जाएगा।

भारत में मर्सिडीज बेंज और BMW की ज्यादातर पॉपुलर कारें पहले से ही लोकल असेंबली के जरिए बनती हैं। यानी पार्ट्स इम्पोर्ट करके यहां जोड़कर बनाई जाती हैं। इन पर इम्पोर्ट ड्यूटी केवल 15-16.5% तक लगती है, इसलिए EU के साथ FTA होने से इनकी कीमत में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा।

बिक्री के मामले में भारत इस समय अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार मार्केट है। हालांकि EU मैन्युफैक्चरर्स का भारत के 44 लाख यूनिट सालाना कार बिक्री वाले बाजार में शेयर 4% से कम है।

इसके बावजूद भारत ने अपने ऑटो सेक्टर को काफी सुरक्षित (प्रोटेक्टेड) रखा हुआ था। हाई टैक्स की वजह से विदेशी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अपनी महंगी कारें बेचना मुश्किल होता था। अब इस डील के बाद मर्सिडीज, बीएमडब्ल्यू, ऑडी और फॉक्सवैगन जैसी कंपनियों के लिए भारत में अपना दायरा बढ़ाना आसान हो जाएगा।