आगरा- कलक्ट्रेट से लेकर संभागीय परिवहन विभाग, जिला पंचायत राज विभाग, होमगार्ड्स और प्रांतीय सेवा दल समेत जिले के 35 विभागों के कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया है। कारण है—प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद चल-अचल संपत्ति का विवरण समय पर मानव संपदा पोर्टल में फीड नहीं किया जाना।
इन विभागों में ऐसे कर्मचारी भी शामिल हैं, जिनके खर्च वेतन से कहीं अधिक बताए जा रहे हैं और जिनकी संपत्ति वेतन से कई गुना बढ़ चुकी है। बावजूद इसके, निर्धारित तिथि 31 जनवरी तक आवश्यक ब्योरा नहीं दिया गया।
📌 31 जनवरी तक ब्योरा अनिवार्य, फिर भी लापरवाही
जिले में कुल 111 विभागों में करीब 30 हजार कर्मचारी पदस्थ हैं। शासन के निर्देशानुसार सभी कर्मचारियों को 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से चल-अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करना था। इससे पहले शासन द्वारा कई बार अंतिम तिथि भी बढ़ाई गई, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने निर्देशों की अनदेखी की।
1 फरवरी को अवकाश होने के चलते विभागों को शनिवार तक प्रमाण पत्र के साथ वेतन बिल कलक्ट्रेट स्थित मुख्य कोषागार कार्यालय भेजना था, जो कई विभागों ने नहीं भेजा।
❌ इन विभागों के बिल नहीं पहुंचे कोषागार
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जिला पंचायत राज विभाग – 1,000 कर्मचारियों का वेतन बिल नहीं भेजा गया
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होमगार्ड्स विभाग – 1,000 होमगार्ड्स का बिल लंबित
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प्रांतीय सेवा दल – 700 स्वयंसेवकों का बिल नहीं भेजा गया
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डीएम कार्यालय – अधिकांश कर्मचारियों का ब्योरा अब तक दर्ज नहीं
इन विभागों के ब्योरे पोर्टल में दर्ज न होने के कारण वेतन बिल कोषागार कार्यालय तक नहीं पहुंच सके।
✅ इन विभागों ने समय पर पूरा किया कार्य
वहीं लोक निर्माण विभाग के करीब 1,000 कर्मचारियों के वेतन बिल समय पर पहुंच गए हैं। इसी तरह पुलिस विभाग के 6,000 सिपाहियों, कोषागार कार्यालय, अभियोजन विभाग समेत कुछ अन्य विभागों में 100 प्रतिशत कर्मचारियों का ब्योरा पोर्टल में फीड हो चुका है।
🗣️ कोषागार अधिकारी का बयान
कोषागार विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि 35 विभागों के करीब 6 से 7 हजार कर्मचारियों ने अब तक संपत्ति का ब्योरा नहीं भरा है। साथ ही संबंधित विभागों द्वारा वेतन बिल भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ऐसे में जनवरी माह का वेतन जारी नहीं किया जा सकता।
