आज 1 फरवरी को देश की अर्थव्यवस्था की दिशा और दशा तय करने वाला केंद्रीय बजट संसद में पेश किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वां केंद्रीय बजट प्रस्तुत करते हुए विकास, निवेश और आत्मनिर्भर भारत पर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। इस बजट पर आम जनता से लेकर उद्योग जगत और शेयर बाजार तक की नजरें टिकी रहीं।
वित्त मंत्री ने कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) को बढ़ाकर 12.20 लाख करोड़ रुपए करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट सेक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए जाने का ऐलान किया गया, जिससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी।
विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर वित्त मंत्री ने सरकार के तीन प्रमुख कर्तव्यों और छह फोकस एरिया का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार समावेशी विकास, आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक निवेश को प्राथमिकता दे रही है।
उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने देश में तीन समर्पित केमिकल क्लस्टर स्थापित करने की घोषणा की। इसके अलावा पांच राज्यों में रेयर अर्थ मिनरल के लिए डेडिकेटेड कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिससे रणनीतिक खनिजों की आपूर्ति मजबूत होगी।
सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) शुरू किया जाएगा। इसके तहत उपकरण और सामग्री उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों और सुधारों के चलते देश की अर्थव्यवस्था ने करीब 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है और गरीबी कम करने में भी उल्लेखनीय सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यापक सुधार लागू किए हैं, जिनका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है।
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 को निवेश, विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
