ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026: PAN नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव, कैश, गाड़ी और प्रॉपर्टी डील पर नया अपडेट

डेस्क रिपोर्ट | फाइनेंस न्यूज़- सरकार ने ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत PAN (परमानेंट अकाउंट नंबर) से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इन प्रस्तावित बदलावों का सीधा असर कैश लेनदेन, वाहन खरीद, प्रॉपर्टी डील और होटल-इवेंट खर्चों पर पड़ेगा।

सरकार का उद्देश्य छोटे और रोजमर्रा के लेनदेन में PAN की अनिवार्यता को कम करना और बड़े वित्तीय ट्रांजैक्शंस पर निगरानी को मजबूत करना है।


🏦 कैश जमा और निकासी: क्या बदलेगा?

प्रस्ताव के अनुसार:

  • पूरे वित्त वर्ष में एक या एक से अधिक बैंक खातों से
    10 लाख रुपये या उससे ज्यादा की कुल कैश जमा या निकासी होने पर ही PAN देना अनिवार्य होगा।

अभी क्या नियम है?

  • एक दिन में 50,000 रुपये से ज्यादा कैश जमा या निकासी पर PAN देना जरूरी है।

👉 नया प्रस्ताव इस सीमा को काफी बढ़ाता है, जिससे छोटे ट्रांजैक्शन करने वालों को राहत मिल सकती है।


🚗 मोटर व्हीकल खरीद पर नया नियम

ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक:

  • दो-पहिया और चार-पहिया वाहन की खरीद पर
    PAN तभी देना होगा जब कीमत 5 लाख रुपये से ज्यादा हो।

वर्तमान नियम

  • दो-पहिया को छोड़कर, हर मोटर वाहन की खरीद पर PAN अनिवार्य है, चाहे कीमत कितनी भी हो।

👉 इससे मध्यम वर्ग के छोटे वाहन खरीदारों को राहत मिलने की संभावना है।


🏨 होटल, रेस्टोरेंट और इवेंट खर्च

  • होटल बिल, रेस्टोरेंट पेमेंट, कन्वेंशन सेंटर, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट सेवाओं पर
    PAN तभी जरूरी होगा जब भुगतान 1 लाख रुपये से ज्यादा हो।

अभी की सीमा

  • 50,000 रुपये से ज्यादा भुगतान पर PAN देना पड़ता है।

👉 नई सीमा बढ़ने से शादी, समारोह और कॉरपोरेट इवेंट्स में लोगों को सुविधा मिल सकती है।


🏠 प्रॉपर्टी लेनदेन में बदलाव

  • जमीन या मकान की खरीद, बिक्री, गिफ्ट या जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट में
    20 लाख रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर PAN अनिवार्य होगा।

मौजूदा नियम

  • 10 लाख रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर PAN जरूरी है।

👉 सरकार ने यह सीमा दोगुनी करने का प्रस्ताव रखा है।


📌 कुल मिलाकर क्या बदलेगा?

ड्राफ्ट इनकम टैक्स रूल्स 2026 का फोकस दो बातों पर है:

✔ छोटे लेनदेन में PAN की झंझट कम करना
✔ बड़े ट्रांजैक्शन पर टैक्स विभाग की निगरानी मजबूत करना

यदि ये नियम लागू होते हैं, तो आम लोगों को राहत मिलेगी और टैक्स सिस्टम अधिक प्रैक्टिकल और सरल बन सकता है।


🔎 निष्कर्ष

सरकार का यह कदम आम करदाताओं के लिए सुविधा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हालांकि, ये फिलहाल ड्राफ्ट नियम हैं। अंतिम अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा कि ये बदलाव कब से लागू होंगे।