पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की जेल में लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इसी को लेकर मंगलवार को दुनिया भर के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने एक संयुक्त याचिका पर हस्ताक्षर कर पाकिस्तान सरकार से इमरान खान को उचित और मानवीय मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
सुनील गावस्कर और कपिल देव का समर्थन बना बड़ी खबर
इस याचिका की सबसे अहम बात यह है कि इसमें भारत के दो महान विश्व कप विजेता खिलाड़ी सुनील गावस्कर और कपिल देव के भी हस्ताक्षर हैं। इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल, वेस्टइंडीज़ के दिग्गज क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और इयान चैपल जैसे कई महान खिलाड़ी भी इस पहल में शामिल हैं।
इन सभी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर इमरान खान के मानवाधिकारों, स्वास्थ्य और हिरासत की परिस्थितियों पर गंभीर चिंता जताई है।
आंखों की रोशनी को लेकर गंभीर दावा
खबरों के मुताबिक, 73 वर्षीय इमरान खान की सेहत जेल में तेजी से गिरती जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्होंने अपनी दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी खो दी है। उनके बेटे सुलेमान खान के अनुसार, इमरान को एक बेहद छोटी और अलग-थलग कोठरी में रखा गया है, जिसे ‘डेथ सेल’ जैसा बताया गया है।
पाकिस्तानी कप्तानों की चुप्पी पर सवाल
जहां दुनिया भर के पूर्व कप्तान इमरान खान के समर्थन में सामने आए हैं, वहीं पाकिस्तान के किसी भी अन्य पूर्व कप्तान का इस याचिका पर हस्ताक्षर न करना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, वसीम अकरम, वकार यूनिस और शाहिद अफरीदी जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया के जरिए उनकी सेहत को लेकर चिंता जरूर जताई है।
चिट्ठी में क्या लिखा गया?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व कप्तानों ने अपनी चिट्ठी में लिखा:
“हम, विभिन्न देशों की राष्ट्रीय क्रिकेट टीमों के पूर्व कप्तान, पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और विश्व क्रिकेट की महान हस्ती इमरान खान के साथ कथित व्यवहार और उनकी हिरासत की परिस्थितियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।
इमरान खान ने 1992 क्रिकेट विश्व कप में पाकिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई, जो नेतृत्व, दृढ़ता और खेल भावना का प्रतीक रही है। वे क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं और राजनीतिक मतभेदों से परे, वे लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं।”
अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने के संकेत
इस याचिका के बाद पाकिस्तान सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। क्रिकेट जगत का मानना है कि यह मामला अब सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मानवाधिकार और मानवीय व्यवहार का वैश्विक मुद्दा बन चुका है।
